निकाय चुनाव में ओबीसी आरक्षण पर उलझा पेंच, यूडीएच मंत्री खर्रा ने अब कही 'ट्रिपल टेस्ट' के तहत सर्वे की बात

यूडीएच मंत्री ने कहा कि सरकार ने पुनर्गठन का काम पूरा कर लिया है. नगर निकाय से जुड़े बाकी काम सितंबर तक पूरे कर लिए जाएंगे.

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यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा आज (13 मार्च) सीकर दौरे पर रहे. उन्होंने जयपुर रोड स्थित अर्बन हाट बाजार में यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने शेखावाटी पंच गौरव उद्योग और राजसखी मेले का शुभारंभ किया. इस दौरान पूर्व सांसद सुमेधानंद सरस्वती, एटीएम रतन कुमार स्वामी, जिला उद्योग केंद्र की महाप्रबंधक विकास सिहाग समेत कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे. उन्होंने नगर निकाय चुनाव को लेकर कहा कि चुनाव करवाने में सरकार की ओर से कोई भी बाधा नहीं है. 

एमपी-महाराष्ट्र का दिया उदाहरण

खर्रा ने सुप्रीम कोर्ट के साल 2022 और 2023 में दिए गए मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र से जुड़े फैसलों का भी जिक्र किया. उनका कहना है कि जब तक राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ट्रिपल टेस्ट के तहत सर्वे कर अधिकृत आंकड़े सरकार को नहीं देता, तब तक ओबीसी आरक्षण लागू नहीं किया जा सकता. राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन किया गया था और आयोग ने अपने कार्यकाल में वृद्धि भी करवाई थी. 

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आयोग ने पहले मार्च तक आंकड़े देने की बात कही थी, लेकिन अब आयोग का कहना है कि जिलों से मिले आंकड़ों में कई कमियां हैं. सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप नए सिरे से सर्वे और अध्ययन किया जाएगा, जिसके बाद ही अधिकृत आंकड़े सरकार को सौंपे जाएंगे.

पुनर्गठन का काम पूरा कर लिया है- खर्रा

उन्होंने कहा, "सुप्रीम कोर्ट ने भी स्पष्ट किया है कि अगर किसी को कोई आपत्ति है तो वह राजस्थान हाईकोर्ट जा सकता है. सरकार को अपने स्तर पर जो भी पुनर्गठन का काम करना था, वह पूरा कर लिया है. नगर निकाय से जुड़े बाकी काम सितंबर तक पूरे कर लिए जाएंगे."

ओबीसी आयोग और निर्वाचन आयोग पर कही ये बात

मंत्री ने बताया, "6 मार्च को राजस्थान हाईकोर्ट ने राजस्थान नगर पालिका अधिनियम की धारा 10 को मान्यता दी. कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार को नगर निकायों का परिसीमन और वार्डों का पुनर्गठन करने का अधिकार है. इसलिए राज्य सरकार द्वारा किया गया कार्य पूरी तरह से कानूनी है. उन्होंने कहा कि अब आगे की प्रक्रिया राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग और राजस्थान निर्वाचन आयोग के स्तर पर पूरी होनी है."  

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