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This Article is From Sep 15, 2024

पूर्व CM अशोक गहलोत को कांग्रेस ने सौंपी दोहरी जिम्मेदारी, जानें क्या हैं इसके मायने

अशोक गहलोत की जादूगरी ने 2024 के चुनाव में कांग्रेस को अमेठी लोकसभा सीट से जीत दिलाई. अब हरियाणा विधानसभा चुनाव में दोहरी जिम्मेदारी दी गई है.

पूर्व CM अशोक गहलोत को कांग्रेस ने सौंपी दोहरी जिम्मेदारी, जानें क्या हैं इसके मायने
अशोक गहलोत- सचिन पायलट

Rajasthan Politics: स्वास्थ्य में सुधार के बाद राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) फिर से एक्टिव हो गए हैं. हरियाणा विधानसभा (Haryana Assembly Election) में कांग्रेस पार्टी ने अशोक गहलोत नई जिम्मेदारी सौंपी है. गहलोत को हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए सीनियर ऑब्जर्वर (Senior Observer) नियुक्त किया गया है. इसके अलावा हरियाणा में चुनाव प्रचार के लिए 40 स्टार प्रचार की लिस्ट में भी अशोक गहलोत का नाम शामिल है. गहलोत के अलावा राजस्थान से दो और कांग्रेस नेताओं को हरियाणा में चुनाव प्रचार की जिम्मेदारी सौंपी गई है. 

स्टार प्रचारकों में राजस्थान के 3 नेता

हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए 40 स्टार प्रचारकों में राजस्थान के तीन नेताओं का नाम है. राजस्थान से सबसे पहला नाम पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का है. उसके बाद सचिन पायलट को स्टार प्रचारक बनाया गया. इन दोनों नेताओं के अलावा राजस्थान पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा का भी नाम स्टार प्रचारकों की लिस्ट में है. ध्यान देने वाली बात है कि अशोक गहलोत को हरियाणा विधानसभा चुनाव में पार्टी के लिए प्रचार करने की जिम्मेदारी के साथ-साथ सीनियर ऑब्जर्वर भी बनाया गया. 

हरियाणा में गहलोत को दोहरी जिम्मेदारी

चुनाव की पूरी मॉनिटरिंग करना ऑब्जर्वर की जिम्मेदारी होती है. इसके अलावा सरकार बनने की स्थिति में पर्यवेक्षक की रिपोर्ट के आधार पर ही मुख्यमंत्री के लिए नाम तय होता है. ऐसे में कांग्रेस ने अशोक गहलोत को हरियाणा में पार्टी का सीनियर ऑब्जर्वर बनाकर नई जिम्मेदारी सौंपी है. वहीं, सचिन पायलट हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए सिर्फ स्टार प्रचारक ही बनकर रह गए. इससे पहले जयपुर की आदर्श नगर विधानसभा सीट से विधायक रफीक खान को चीफ व्हिप और गंगापुर सिटी से विधायक रामकेश मीणा को विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष बनाया. रफीक खान और रामकेश मीणा दोनों अशोक गहलोत गुट के माने जाते हैं.

लोकसभा चुनाव में 'जादूगर' का कमाल 

इस बार के लोकसभा चुनाव के दौरान भी कांग्रेस पार्टी की ओर से अशोक गहलोत को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी. अमेठी लोकसभा सीट पर पूर्व सीएम गहलोत को सीनियर ऑब्जर्वर बनाकर भेजा गया था. लोकसभा चुनाव में गहलोत के लिए ये बड़ी जिम्मेदारी थी, क्योंकि अमेठी कांग्रेस की परंपरागत लोकसभा सीट रही और 2019 के चुनाव में राहुल गांधी को स्मृति ईरानी से हार का सामना करना पड़ा था. हालांकि अशोक गहलोत की जादूगरी ने 2024 के चुनाव में कांग्रेस को अमेठी लोकसभा सीट से जीत दिलाई और किशोरी लाल शर्मा करीब डेढ़ लाख वोटों से जीतकर सांसद बने.

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