भाजपा से राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के इंतज़ार शास्त्र पर पलटवार किया है. घनश्याम तिवाड़ी ने राजस्थानी कहावत के जरिए अशोक गहलोत की चुटकी ली. इस दौरान भाजपा सांसद ने 'फूलाबाई फूलगी और गेल की बातां भूलगी'. उन्होंने अशोक गहलोत को नसीहत देते हुए कहा कि 'जिस चालनी में 70 छेद हों, उसको ज्यादा नहीं बोलना चाहिए.' इंतजार उर्दू का शब्द है और शास्त्र संस्कृत का, ऐसे में उन्हें शास्त्रों का अपमान नहीं करना चाहिए.
कांग्रेस में अंदरूनी कलह का जिक्र
शनिवार को प्रेस कॉफ्रेंस के दौरान अशोक गहलोत की इंतजार शास्त्र की सीरीज का घनश्याम तिवाड़ी ने जवाब दिया. पूर्व सीएम पर तंज कसते हुए तिवाड़ी ने कहा कि गहलोत तीन बार मुख्यमंत्री रहे और हर बार हार के बाद भाजपा को सत्ता सौंपी, लेकिन उन्हें हर बार पार्टी में उचित स्थान मिला. इस बार कोई जिम्मेदारी नहीं मिलने के कारण उन्होंने सोशल मीडिया को अपना मंच बना लिया है. उन्होंने कहा कि यदि गहलोत में हिम्मत है तो वे विधानसभा में आकर सवाल उठाएं, न कि सोशल मीडिया के जरिए बयानबाजी करें.
उन्होंने कांग्रेस के अंदरूनी हालात का जिक्र करते हुए कहा कि दिल्ली में गहलोत को सचिन पायलट काम नहीं करने देते, जबकि प्रदेश स्तर पर गोविन्द डोटासरा और टीकाराम जूली भी उन्हें सक्रिय भूमिका निभाने नहीं दे रहे. गहलोत सरकार के कार्यकाल में युवाओं के साथ कुठाराघात हुआ और भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक की कई घटनाएं सामने आईं, जबकि वर्तमान सरकार में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ और युवाओं को समय पर नियुक्ति पत्र दिए जा रहे हैं. तिवाड़ी ने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार हुआ है और सेटेलाइट अस्पतालों की संख्या 43 से बढ़कर 63 हो गई है.
पेपर लीक के जरिए गहलोत पर हमला
भाजपा सांसद ने कहा कि सांगानेरी गेट पर अस्पताल बनकर तैयार है और वर्ष 2026 तक आईपीडी टावर शुरू होने की योजना है. साथ ही सिविल लाइन आरओबी के तैयार होने का उल्लेख करते हुए कहा कि विकास कार्य जमीन पर दिखाई दे रहे हैं. गहलोत अपने कार्यकाल के दौरान हुए 22 पेपर लीक के मामलों को भूल गए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय मंत्रियों और अधिकारियों की कार्यप्रणाली के कारण ऐसी घटनाएं हुईं. उन्होंने कहा कि अब तक 420 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. जल जीवन मिशन का ज़िक्र करते हुए तिवाड़ी ने कहा कि पिछली सरकार के दौरान इस योजना में अनियमितताएं हुईं. साथ ही उन्होंने कहा कि जोधपुर की जनता ने गहलोत को कई बार विधायक और सांसद बनाया, लेकिन क्षेत्र के विकास के लिए अपेक्षित कार्य नहीं हुए.
कांस्टीट्यूशनल क्लब को लेकर उठे सवालों पर तिवाड़ी ने कहा कि क्लब बेहतर तरीके से संचालित हो रहा है. उन्होंने गहलोत को आमंत्रित करते हुए कहा कि वे क्लब में आएं, जिम करें और उनके साथ नाश्ता भी करें. तिवाड़ी ने कहा कि संसदीय लोकतंत्र में विधानसभा और लोकसभा सबसे बड़े मंच होते हैं और जनप्रतिनिधियों को वहीं अपनी बात रखनी चाहिए. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में स्वस्थ बहस जरूरी है और विपक्ष को सदन में आकर मुद्दों पर चर्चा करनी चाहि. अशोक गहलोत को जवाब देने के साथ ही तिवाड़ी ने भजनलाल सरकार के काम भी गिनाए. तिवाड़ी ने कहा कि प्रदेश में विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और आमजन को उसका सीधा लाभ मिल रहा है.
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