राजस्थान में 'इंतजार शास्त्र' से शुरू हुई सियासी बहस ने लिया नया मोड़, सीएम भजनलाल का गहलोत पर पलटवार

अशोक गहलोत के मंत्री पुत्रों की सियासत में दखल को लेकर दिए बयान पर अब मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पलटवार किया है. सीएम भजनलाल के पलटवार से आने वाले दिनों में यह टकराव और तेज होने के आसार हैं क्योंकि दोनों पक्ष चुनावी जमीन को मजबूत करने में जुटे हैं.

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सीएम भजनलाल का गहलोत पर पलटवार

राजस्थान की सियासत में इन दिनों सियासी बयानबाज़ी का पारा चढ़ा हुआ है और एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है. एक तरफ पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की ‘इंतज़ार शास्त्र' की सीरिज है तो दूसरी तरफ मंत्री पुत्रों को लेकर दिए गए उनके बयान के बाद शुरू हुई सियासी बयानबाजी है. अब मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अशोक गहलोत पर पलटवार करते हुए सोनिया गांधी पर भी निशाना साधा है. अब यह सियासी जंग ‘परिवारवाद', ‘भ्रष्टाचार' और ‘राजनीतिक प्रासंगिकता' के मुद्दों तक पहुंच गई है.

परिवारवाद और भ्रष्टाचार पर पहुंची बहस

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के मंत्री पुत्रों की सियासत में दखल को लेकर दिए बयान पर अब मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसे लोगों के लिए संवेदना है, जो खुद को प्रासंगिक बनाए रखने के लिए बयानबाज़ी कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि मंत्री पुत्रों को लेकर दिए गए बयान देने वालों को अपने गिरेबान में झांकना चाहिए. सोनिया गांधी और राजस्थान में अशोक गहलोत ने अपने पुत्रों को सियासत में स्थापित करने की कोशिश की लेकिन सफल नहीं हो पाए. 

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बिना नाम लिए सचिन पायलट पर सीएम का वार

उन्होंने सचिन पायलट का बिना नाम लिए कहा कि वो नेता जिन्हें कभी अशोक गहलोत निकम्मा नाकारा कहते थे, आज वही नेता कांग्रेस में उनसे ज्यादा ताकतवर हैं. मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि गहलोत को इस बात की तकलीफ है कि कांग्रेस में अन्य नेताओं की भूमिका बढ़ रही है. इसलिए वे ‘इंतज़ार शास्त्र' के नाम पर “झूठ का शास्त्र” चला रहे हैं. भजनलाल शर्मा ने गहलोत सरकार के कार्यकाल पर भी गंभीर आरोप लगाए. मुख्यमंत्री ने बिना नाम लिए कांग्रेस नेता सचिन पायलट की अजमेर से जयपुर तक की पदयात्रा का भी जिक्र किया.

आने वाले दिनों में बढ़ेंगे सियासी टकराव

उन्होंने कहा कि गहलोत सरकार के दौरान ही उनके एक नेता ने भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम छेड़ी थी, जिसे पूरे प्रदेश ने देखा. उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन में घोटाला, पेपर लीक और किसानों के साथ अन्याय जैसे मुद्दों को जनता भली-भांति जानती है. प्रदेश की जनता ने इन्हें इसलिए घर बैठाया है क्योंकि इनके शासन में भ्रष्टाचार हुआ, युवाओं के सपने टूटे, पेपर लीक हुए और किसानों के साथ खिलवाड़ हुआ. कुल मिलाकर, ‘इंतज़ार शास्त्र' से शुरू हुई सियासी बहस अब परिवारवाद और भ्रष्टाचार के आरोप-प्रत्यारोप तक पहुंच गई है. आने वाले दिनों में यह टकराव और तेज होने के आसार हैं क्योंकि दोनों पक्ष चुनावी जमीन को मजबूत करने में जुटे हैं.

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