
Rajasthan Politics: राजस्थान के झुंझुनूं कांग्रेस की ब्लॉक बैठक का आयोजन किया गया. जिसमें विवाद सामने आया है. कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा द्वारा कांग्रेस के खिलाफ बयानबाजी करने वालों पर कार्रवाई करने की बात कही थी. लेकिन इसके बाद भी कांग्रेस के नेता अपनी पार्टी के खिलाफ लगातार आग उगल रहे हैं.
बुधवार को गिडानिया और झुंझुनूं ब्लॉक की बैठक में संगठन के कार्यकारी जिलाध्यक्ष खलील बुडाना ने खुलकर कहा कि कांग्रेस में अनुशासन खत्म हो चुका है. दरअसल पीसीसी द्वारा सभी विधानसभा में प्रभारी लगाए गए है. जो संगठन मजबूती और संगठन विस्तार के लिए कार्य करेंगे.
झुंझुनूं कांग्रेस में काम कर रही स्लीपर सेल
इसी सिलसिले में झुंझुनूं विधानसभा के प्रभारी, पीसीसी सचिव इस्लाम खान और कांग्रेस जिलाध्यक्ष दिनेश सुंडा झुंझुनूं शहर के मान नगर स्थित कांग्रेस कार्यालय में गिडानिया और झुंझुनूं ब्लॉक की बैठक लेने के लिए पहुंचे थे. इस बैठक में कार्यकारी जिलाध्यक्ष खलील बुडाना ने उप चुनावों में हुई हार को लेकर जमकर अपनी भड़ास निकाली.
उन्होंने कहा कि हमारे नेता राहुल गांधी कहते है कि कांग्रेस में स्लीपर सैल काम करती है. झुंझुनूं कांग्रेस में भी ऐसी स्लीपर सेल है. जिसने उप चुनाव में गांव-गांव, गली-गली जाकर खुलकर पार्टी के खिलाफ कार्य किया.
'कांग्रेस का अनुशासन खत्म हो गया'
जिलाध्यक्ष खलील ने आगे कहा कि कोई सोच भी नहीं सकता था कि ओला परिवार के होते हुए कांग्रेस झुंझुनूं विधानसभा में चुनाव हार जाएगी. लेकिन बड़े-बड़े पदों पर बैठे लोगों ने कांग्रेस के साथ कुठाराघात किया है. उन्होंने कहा कि रंधावा ने कहा था कि ऐसे लोगों पर कार्रवाई होगी. लेकिन आज तक कार्रवाई नहीं हुई. इससे यही लग रहा है कि कांग्रेस का अनुशासन खत्म हो गया है. बुडाना ने उप चुनावों में पार्टी के खिलाफ काम करने वालों पर कार्रवाई की मांग की है.
जिले की तीन बैठकों में से दो में तनावपूर्ण हालात
वहीं बैठक के बाद विधानसभा प्रभारी इस्लाम खान ने कहा कि उन्हें किसी प्रकार की कार्रवाई करने की नहीं, बल्कि संगठन को मजबूत और विस्तार करने की जिम्मेदारी दी गई है. आपको बता दें कि झुंझुनूं में अब तक तीन विधानसभा क्षेत्रों में ऐसी बैठकें हो चुकी है. इनमें दो जगहों पर सामान्य हालातों में बैठक नहीं हुई है. झुंझुनूं के अलावा खेतड़ी में हुई बैठक में भी असली-नकली कांग्रेस के विवाद के कारण बैठक के दौरान काफी तनावपूर्ण माहौल हो गया.
यह भी पढ़ें- राजस्थान के पत्रकारों के लिए बड़ी सौगात, सरकार सम्मान के तौर पर देगी 15000 मासिक निधि