Rajasthan Rain: धौलपुर में मौसम का यू-टर्न, रात भर हुई जोरदार बारिश से पलटी किसानों की किस्मत; लेकिन शहर में बढ़ा संकट!

Rajasthan Weather Update: मंगलवार रात धौलपुर में हुई जोरदार बारिश रबी की फसलों के लिए 'अमृत' बनकर बरसी. जहां किसानों के चेहरे खिले, वहीं शहर की सड़कें दरिया बन गईं. जानिए आपकी फसल और शहर के हाल.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
रबी की फसलों के लिए 'अमृत' बनी बारिश, राजस्थान में किसानों के खिले चेहरे; पैदावार बढ़ने की उम्मीद
NDTV Reporter

Rajasthan News: राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के अन्नदाताओं के लिए मंगलवार की रात खुशियों वाली रही है. लंबे इंतजार के बाद आसमान से बरसी बूंदें किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं. रबी की फसलों को इस वक्त पानी की सख्त जरूरत थी, जिसे मौसम की इस पहली 'मावठ' ने पूरा कर दिया है.

दोपहर बाद शुरू हुआ मेघ गर्जना का दौर

IMD (मौसम विभाग) के अलर्ट के बाद मंगलवार दोपहर से ही धौलपुर का आसमान बादलों से घिर गया था. शाम होते-होते मेघ गर्जना के साथ जोरदार बारिश का सिलसिला शुरू हुआ, जो देर रात तक जारी रहा. इस बारिश ने न केवल तापमान में गिरावट ला दी है, बल्कि ठिठुरन और शीतलहर को भी बढ़ा दिया है.

Photo Credit: NDTV Reporter

फसलों को 'जीवनदान', पैदावार बढ़ने की उम्मीद

किसानों के अनुसार, यह बारिश रबी की मुख्य फसलों के लिए संजीवनी का काम करेगी. मावठ से सरसों, गेहूं, चना, मटर और नकदी फसल आलू को फायदा मिलेगा. किसान विनीत कुमार शर्मा ने बताया कि सिंचाई के अभाव में गेहूं और सरसों की फसल कमजोर पड़ रही थी. अब पौधों में अच्छा 'ग्रोथ' दिखेगा और पीलापन दूर होगा. मावठ की वजह से फसलें अब अपने असली स्वरूप में आएंगी, जिससे आगामी सीजन में रिकॉर्ड पैदावार की उम्मीद है.

हालांकि, कुछ किसानों ने सब्जी की फसलों में मामूली नुकसान की आशंका भी जताई है.

नगर परिषद के दावों की खुली पोल, सड़कें बनीं दरिया

Photo Credit: NDTV Reporter

एक तरफ जहां ग्रामीण इलाकों में खुशी है, वहीं धौलपुर शहर की स्थिति नगर परिषद के कुप्रबंधन को उजागर कर रही है. कुछ ही घंटों की बारिश में शहर के प्रमुख बाजार 'दरिया' में तब्दील हो गए. सड़कों पर जलभराव के कारण आवागमन बाधित हुआ और कई घरों में पानी घुसने तक की नौबत आ गई. शहर की बदहाल निकासी व्यवस्था ने आम जनता की मुश्किलों को दोगुना कर दिया है.

Advertisement

कड़ाके की सर्दी का अलर्ट

बारिश के बाद जिले में शीतलहर का प्रकोप बढ़ गया है. कड़ाके की सर्दी ने लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर दिया है. कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे बदली परिस्थितियों के अनुसार अपनी फसलों की देखभाल करें.

ये भी पढ़ें:- राजस्थान में ओलों से बढ़ी गलन के बीच कोहरे का येलो अलर्ट, 48 घंटे बाद फिर 20 जिलों में बरसेंगे बादल

Advertisement

LIVE TV देखें