Rajasthan News: राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के अन्नदाताओं के लिए मंगलवार की रात खुशियों वाली रही है. लंबे इंतजार के बाद आसमान से बरसी बूंदें किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं. रबी की फसलों को इस वक्त पानी की सख्त जरूरत थी, जिसे मौसम की इस पहली 'मावठ' ने पूरा कर दिया है.
दोपहर बाद शुरू हुआ मेघ गर्जना का दौर
IMD (मौसम विभाग) के अलर्ट के बाद मंगलवार दोपहर से ही धौलपुर का आसमान बादलों से घिर गया था. शाम होते-होते मेघ गर्जना के साथ जोरदार बारिश का सिलसिला शुरू हुआ, जो देर रात तक जारी रहा. इस बारिश ने न केवल तापमान में गिरावट ला दी है, बल्कि ठिठुरन और शीतलहर को भी बढ़ा दिया है.

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फसलों को 'जीवनदान', पैदावार बढ़ने की उम्मीद
किसानों के अनुसार, यह बारिश रबी की मुख्य फसलों के लिए संजीवनी का काम करेगी. मावठ से सरसों, गेहूं, चना, मटर और नकदी फसल आलू को फायदा मिलेगा. किसान विनीत कुमार शर्मा ने बताया कि सिंचाई के अभाव में गेहूं और सरसों की फसल कमजोर पड़ रही थी. अब पौधों में अच्छा 'ग्रोथ' दिखेगा और पीलापन दूर होगा. मावठ की वजह से फसलें अब अपने असली स्वरूप में आएंगी, जिससे आगामी सीजन में रिकॉर्ड पैदावार की उम्मीद है.
हालांकि, कुछ किसानों ने सब्जी की फसलों में मामूली नुकसान की आशंका भी जताई है.
नगर परिषद के दावों की खुली पोल, सड़कें बनीं दरिया

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एक तरफ जहां ग्रामीण इलाकों में खुशी है, वहीं धौलपुर शहर की स्थिति नगर परिषद के कुप्रबंधन को उजागर कर रही है. कुछ ही घंटों की बारिश में शहर के प्रमुख बाजार 'दरिया' में तब्दील हो गए. सड़कों पर जलभराव के कारण आवागमन बाधित हुआ और कई घरों में पानी घुसने तक की नौबत आ गई. शहर की बदहाल निकासी व्यवस्था ने आम जनता की मुश्किलों को दोगुना कर दिया है.
कड़ाके की सर्दी का अलर्ट
बारिश के बाद जिले में शीतलहर का प्रकोप बढ़ गया है. कड़ाके की सर्दी ने लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर दिया है. कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे बदली परिस्थितियों के अनुसार अपनी फसलों की देखभाल करें.
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