Rajasthan News: राजस्थान में पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप ने करोड़ों की ठगी के मामले में एक ओर आरोप को पकड़ने में कामयाबी हासिल की है. एसओजी के हाथों गिरफ्तार हुए आरोपी सुरेश सैनी के जरिए पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह के विरुद्ध बड़ी सफलता हासिल की है. इस गिरफ्तारी को लेकर SOG के अतिरिक्त महानिदेशक त्रशाल बंसल ने बताया कि आरोपी ने सोशल मीडिया और क्रिप्टो करेंसी के नाम पर आम जनता से करोड़ों रुपये हड़पे है.
कैसे बुना गया ठगी का मायाजाल?
SOG के अनुसार, इस पूरे घोटाले का मास्टरमाइंड बंशीलाल उर्फ प्रिन्स सैनी है, जिसने एक सॉफ्टवेयर डेवलपर के साथ मिलकर www.harvestusdt.com नाम की वेबसाइट बनाई. आरोपी ने 'हार्वेस्ट एआई टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड' नाम से एक कंपनी बनाई और अपना खुद का डिजिटल कॉइन 'एचवीटी (HVT)' लॉन्च करने का झूठा प्रचार किया. गिरोह ने फेसबुक और इंस्टाग्राम पर प्रचार किया कि निवेश करने वालों को महज 5.90 लाख में स्कॉर्पियो और 12 लाख में फॉर्च्यूनर दी जाएगी. जिसमें उसने सिर्फ 250 रुपये से आईडी शुरू की. इस जालझाजी में उसने करीब 82,000 लोगों को झांसा देकर उनसे करोड़ों रुपये ऐंठे.ठगों ने 15 अक्टूबर 2025 को भोपालगढ़ में एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया. इसमें 250 स्कॉर्पियो गाड़ियां इनाम में देने की झूठी घोषणा की, जिसके नाम पर उन्होंने 251 लोगों से करीब 15 करोड़ रुपये ठगे.
भोपालगढ़ में जेसीबी रिपेयर का काम करता है
ताजा कार्रवाई में पकड़ा गया सुरेश सैनी, जो भोपालगढ़ में जेसीबी रिपेयर का काम करता है, इस गिरोह का प्रमुख चेहरा था, उसने ग्रामीण क्षेत्रों के 56 लोगों को सस्ती स्कॉर्पियो का झांसा देकर उनसे 3.5 करोड़ रुपये वसूले थे.इतना ही उसकी कंपनी में 1173 आईडी लगवाकर करीब 28 लाख रुपये का निवेश करवाया. साथ ही ठगी की रकम से उसने अपने भाई के नाम पर एक स्कॉर्पियो भी हासिल की, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है.
ऐशों-आराम में उड़ाई ठगी की कमाई
जांच में सामने आया कि आरोपी और उसके साथी ने लोगों की मेहनत की कमाईअपने ऐशो आराम को पूरा करने में लूटा दी. इसके साथ अपनी छवि को अच्छा बनाने के लिए उन्होंने महंगे वाहन खरीदे और सामाजिक-धार्मिक संगठनों को दान दिया. इस मामले में मुख्य आरोपी बंशीलाल, ममता सैनी और दिनेश बागड़ी पहले ही जेल भेजे जा चुके हैं.
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