विज्ञापन

राजेंद्र राठौड़ या सतीश पूनिया, राज्यसभा में किसे मिलेगा मौका? विजय बैंसला और अलका गुर्जर के नाम की भी चर्चाएं

राज्यसभा चुनाव के लिए बीजेपी में दावेदारों की लंबी फेहरिस्त है. दावेदारों में सतीश पूनिया और राजेंद्र राठौड़ का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है. इस हफ्ते के भीतर तस्वीर पूरी साफ हो जाएगी.

राजेंद्र राठौड़ या सतीश पूनिया, राज्यसभा में किसे मिलेगा मौका? विजय बैंसला और अलका गुर्जर के नाम की भी चर्चाएं
राज्यसभा चुनाव-2026 के लिए बीजेपी दावेदार.

राज्यसभा चुनाव-2026 के लिए अधिसूचना जारी होने के साथ ही राजस्थान में सुगबुगाहट भी तेज हो गई है. केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू, बीजेपी सांसद राजेंद्र गहलोत और कांग्रेस सांसद नीरज डांगी का कार्यकाल पूरा हो रहा है. इनमें से 2 सीटें बीजेपी के खाते में जाना तय है. जबकि एक सीट कांग्रेस के खाते में जा सकती है. नामांकन फॉर्म दाखिल करने की अंतिम तारीख 8 जून है, लेकिन नामों पर सस्पेंस बरकरार है. दोनों पार्टी में राज्यसभा दावेदारों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. 

सदन में किस पार्टी के कितने विधायक 

  • भारतीय जनता पार्टी- 118
  • कांग्रेस - 67 
  • भारतीय आदिवासी पार्टी - 4
  • बहुजन समाज पार्टी - 2 विधायक
  • राष्ट्रीय लोक दल- 1
  • निर्दलीय- 8  

बीजेपी तीसरे सीट पर भी उम्मीदवार उतारेगी?

भारतीय जनता पार्टी में शुरुआती तौर पर विचार इस बात को लेकर भी आया कि क्या पार्टी को तीसरा प्रत्याशी उतरना चाहिए या किसी निर्दलीय प्रत्याशी को समर्थन देना चाहिए? हालांकि, अब इस मुद्दे को खारिज कर दिया गया है. पार्टी में जिन नामों को लेकर चर्चा हुई, उनमें सामान्य और ओबीसी वर्ग पर ज्यादा फोकस दिख रहा है. बीजेपी में दावेदारों की फेहरिस्त भी काफी लंबी है. 

पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ के साथ ही पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और हरियाणा प्रभारी सतीश पूनिया का नाम प्रमुखता से सामने आ रहा हैं. राठौड़ बीजेपी के प्रमुख रणनीतिकारों में माने जाते हैं. बंगाल में भवानीपुर सीट से शुभेंदु अधिकारी की जीत में भी उनकी अहम रही. हरियाणा में बीजेपी की जीत के बाद पूनिया का भी काफी बढ़ गया है. यह भी वजह है कि उन्हें सदन भेजने पर विचार किया जा रहा है. संभावना है कि उन्हें उच्च सदन में भेजा गया तो उन्हें मोदी सरकार में मंत्री भी बनाया जा सकता है. 

अलका गुर्जर और विजय बैंसला के नाम पर भी मंथन

वहीं, बीजेपी की राष्ट्रीय मंत्री अलका गुर्जर और पूर्व सांसद जसकौर मीणा की पुत्री अर्चना मीणा के नाम की भी चर्चाएं हैं. लंबे समय से बीजेपी की राष्ट्रीय मंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाल रही अलका गुर्जर दिल्ली चुनाव में खुद को साबित कर चुकी है. इससे पहले, दिल्ली की राज्यसभा सीट से भी उनकी दावेदारी सामने आ चुकी है. ऐसे में माना जा रहा है कि इस बार उन्हें मौका मिल सकता है.  

कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला के परिवार के सदस्यों को लेकर भी मंथन चल रहा है. बेटी सुनीता बैंसला के साथ ही कयास विजय बैंसला को लेकर भी है. गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष विजय बैंसला के जरिए बीजेपी एक बड़े वोटबैंक को भी साध सकती है.  

कांग्रेस से ये हैं संभावित दावेदार

जबकि कांग्रेस में सोशल इंजीनियरिंग की कवायद चल रही है. गोविंद डोटासरा, अशोक गहलोत और सचिन पायलट जैसे चेहरे ओबीसी वर्ग का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं तो नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के जरिए कांग्रस ने अनुसूचित जाति वर्ग को संदेश दिया था. ऐसे में पार्टी सामान्य वर्ग, अनुसूचित जनजाति और अल्पसंख्यक वर्ग में से प्रत्याशी का चयन करना चाहती है.

कांग्रेस में इन दो नामों की चर्चाएं तेज हैं.

कांग्रेस में इन दो नामों की चर्चाएं तेज हैं.

इस दौड़ में सबसे मजबूत नाम विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष डॉ सीपी जोशी का माना जा रहा है. विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस अगर सीपी जोशी के नाम पर दांव लगाती है तो वैचारिक तौर पर केंद्र में भी मजबूत मिलेगी, साथ ही पार्टी वागड़-मेवाड़ को भी साध सकती है. राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष रही रेहाना रियाज का नाम भी आया.  

यह भी पढ़ेंः राहुल गांधी के 'नाटक' पर BJP बोली- कोई फायदा नहीं, दोबारा सरकार बनेगी

Rajasthan.NDTV.in पर राजस्थान की ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें. देश और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं. इसके अलावा, मनोरंजन की दुनिया हो, या क्रिकेट का खुमार, लाइफ़स्टाइल टिप्स हों, या अनोखी-अनूठी ऑफ़बीट ख़बरें, सब मिलेगा यहां-ढेरों फोटो स्टोरी और वीडियो के साथ.

फॉलो करे:
Close