हरियाणा के अंबाला में विस्फोटक बरामदगी के मामले में आतंकी नेटवर्क से जुड़े कई चौंकाने वाले खुलासे हुए. पुलिस ने करीब 2 किलो RDX, आईईडी, डेटोनेटर और बैट्री के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पूछताछ में सामने आया कि यह विस्फोटक पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए पंजाब पहुंचाया गया था, और इसके पीछे पाकिस्तान में बैठा आतंकी शहजाद भट्टी बताया जा रहा है.
अजमेर का एक युवक गिरफ्तार
जांच एजेंसियों के अनुसार, पकड़े गए आरोपियों में एक युवक राजस्थान के अजमेर का रहने वाला है. पूछताछ में पता चला कि आरोपियों ने शहजाद भट्टी के निर्देश पर पंजाब के कई जिलों के थानों के साथ-साथ राजस्थान, दिल्ली, चंडीगढ़ और हरियाणा के अंबाला में कई अहम स्थानों की रेकी की थी. इन स्थानों के वीडियो बनाकर पाकिस्तान भेजे गए थे, जिससे संभावित टारगेट तय किए जा सकें.
पहले हनुमानगढ़ में विस्फोट करने की साजिश थी
जांच में यह भी सामने आया है कि शुरुआती योजना राजस्थान के हनुमानगढ़ में विस्फोट करने की थी. वहां आईईडी पहुंच भी गई थी, और यह पार्सल करीब चार दिन तक वहीं रहा, लेकिन आरडीएक्स नहीं पहुंच पाने के कारण योजना को बदलना पड़ा और बाद में आईईडी वापस मंगा ली गई.
अंबाला में तीन संभावित टारगेट बताए गए थे
पुलिस के मुताबिक, घटना से एक दिन पहले आरोपियों को अंबाला में तीन संभावित टारगेट बताए गए थे, इनमें मुलाना स्थित माता बाला सुंदरी मंदिर, अंबाला का एक प्रमुख राजनीतिक व्यक्ति और तोपखाना क्षेत्र में स्थित सैन्य ठिकाना शामिल था. आरोपियों को अंदेशा था कि मंदिर को निशाना बनाया जाएगा, लेकिन बाद में उन्हें सैन्य ठिकाने के आसपास विस्फोट करने के निर्देश दिए गए.
बाइक से जाते समय आरोपी गिरफ्तार
अंबाला STF के डिप्टी SP अमन कुमार ने बताया कि स्पेशल टास्क फोर्स को आरोपियों की गतिविधियों की भनक लग गई. टीम ने नाका लगाकर तीनों को उस समय पकड़ लिया, जब वे पैशन-प्रो मोटरसाइकिल से विस्फोटक लेकर अंबाला कैंट की ओर जा रहे थे. उनके पास से 4 मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं. पुलिस के अनुसार, पकड़े जाने के समय आईईडी सक्रिय स्थिति में था. उसे प्रेशर रिलीज स्विच से जोड़ा गया था, जिससे वह कभी भी फट सकता था. मौके पर पहुंचे बम निरोधक दस्ते ने टिफिन में फिट किए गए इस बम को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय किया.
सात दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा
शनिवार को अदालत में पेशी के बाद तीनों आरोपियों को सात दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने हरियाणा पुलिस से रिपोर्ट मांगी है, और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) भी जानकारी जुटा रही है. माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में जांच एनआईए को सौंपी जा सकती है.
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