Adarsh Cooperative Society Scam: आदर्श कोऑपरेटिव सोसायटी घोटाले मामले में बड़ी खबर सामने आई है.आदर्श कोऑपरेटिव सोसायटी के निवेशकों के लिए सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत की खबर है. राजस्थान सरकार ने मंगलवार (10 मार्च) को अदालत में आरोपी मुकेश मोदी, राहुल मोदी समेत छह अन्य की डिफॉल्ट जमानत का विरोध करते हुए कहा कि सोसायटी की अटैच संपत्तियों को नीलाम कर निवेशकों को उनकी राशि लौटाई जाए.
आदर्श क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी धोखाधड़ी मामले में सुप्रीम कोर्ट में चल रही कार्यवाही के दौरान राजस्थान सरकार ने आरोपित व्यक्तियों के खिलाफ अपना सख्त रुख दोहराते हुए यह स्पष्ट किया कि सरकार निवेशकों को उनकी जमा राशि वापस दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है.
निवेशकों के पैसे वापस करने की अपील
जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच के समक्ष मामले की सुनवाई हुई. सुनवाई दौरान अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसडी संजय व अतिरिक्त महाधिवक्ता शिवमंगल शर्मा ने पैरवी की. उन्होंने कहा कि राजस्थान समेत पूरे देश के निवेशकों को सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में विधिक प्रक्रिया से पैसा वापस मिलना चाहिए.
अटैच संपत्ति को अधिकतम मूल्य पर बेचा जाए
सरकार ने जोर दिया कि आरोपियों की अटैच संपत्तियों को आधिकारिक परिसमापक द्वारा सार्वजनिक नीलामी में अधिकतम मूल्य पर बेचा जाए. ईडी की मंजूरी के बिना अब तक कोई संपत्ति नहीं बिकी है. सरकार ने तर्क दिया कि हजारों करोड़ की अपराधजन्य संपत्ति होने पर इतने वर्षों की हिरासत के बाद डिफॉल्ट जमानत नहीं दी जा सकती.
यह केस 28 दिसंबर 2018 को एसओजी ने दर्ज किया था. आरोप है कि मुकेश मोदी, राहुल मोदी व अन्य ने राजस्थान समेत सात राज्यों में 14,800 करोड़ से अधिक की ठगी की. गिरफ्तारियां जून 2019 में हुईं. एसओजी की चार्जशीट के आधार पर कार्रवाई चल रही है. जांच में सामने आया कि आरोपित व्यक्तियों ने कथित रूप से शेल कंपनियों और संबंधित संस्थाओं के नेटवर्क के माध्यम से निवेशकों द्वारा जमा की गई बड़ी धनराशि का गबन करने की साजिश रची, जिससे कई राज्यों के निवेशकों को भारी वित्तीय नुकसान हुआ.
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