Republic Day 2026 Highlights From Kartavya Path: आज पूरा देश 77वां गणतंत्र दिवस गर्व और उत्साह के साथ मना रहा है. दिल्ली का ऐतिहासिक 'कर्तव्य पथ' भारत की सैन्य ताकत, सांस्कृतिक विविधता और भविष्य के सपनों का गवाह बन रहा है. यह दिन सिर्फ संविधान लागू होने की वर्षगांठ नहीं है, बल्कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की निरंतर प्रगति का प्रमाण है. सुबह की हल्की धुंध के बीच, तिरंगे के तीन रंग आसमान में अपनी आभा बिखेर रहे हैं. इस वर्ष का समारोह विशेष रूप से 'विकसित भारत @ 2047' के हमारे साझा सपने और 'वंदे मातरम् के 150 वर्ष' के गौरवशाली ऐतिहासिक सफर को समर्पित है.
परेड का आगाज
समारोह की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रीय समर स्मारक (National War Memorial) पहुंचने के साथ हुई. यहां वीर शहीदों को श्रद्धांजलि देने के बाद पीएम कर्तव्य पथ के सलामी मंच पर पहुंचे. सुबह ठीक 10:30 बजे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नेतृत्व में भव्य परेड शुरू हुई, जो करीब 90 मिनट तक चलेगी. आसमान से लेकर जमीन तक, भारत के शौर्य का ऐसा प्रदर्शन होगा कि दुश्मन के दांत खट्टे हो जाएं.
यूरोपीय दिग्गज बने गवाह
भारत की बढ़ती वैश्विक साख का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस बार मुख्य अतिथि के तौर पर यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन मौजूद हैं. विश्व के इन बड़े नेताओं की मौजूदगी भारत और यूरोप के मजबूत होते रिश्तों की नई इबारत लिख रही है.
AI चश्मा और 3000 कैमरे
गणतंत्र दिवस पर आतंकी साये की खबरों के बीच दिल्ली पुलिस ने जमीन से आसमान तक अभेद्य घेराबंदी कर दी है. 30,000 से अधिक जवान तैनात हैं. सुरक्षा का आलम यह है कि पुलिसकर्मी अब 'AI-चश्मों' (फेस रिकग्निशन सिस्टम) से लैस हैं, जो भीड़ में भी संदिग्धों को पहचान लेंगे. पूरे इलाके में 3,000 हाई-टेक सीसीटीवी कैमरे और 30 कंट्रोल रूम से 24 घंटे लाइव मॉनिटरिंग की जा रही है.
भारत-नेपाल सीमा पर 'ऑपरेशन अलर्ट'
सिर्फ दिल्ली ही नहीं, बल्कि सरहद पर भी सुरक्षा चक्र मजबूत कर दिया गया है. उत्तर प्रदेश से सटी 551 किलोमीटर लंबी भारत-नेपाल खुली सीमा पर एसएसबी (SSB) हाई अलर्ट पर है. डॉग स्क्वायड, वॉच टावर और फेस डिटेक्टर डिवाइस के जरिए हर आने-जाने वाले की सघन तलाशी ली जा रही है. खुफिया इनपुट हैं कि देश विरोधी तत्व कोई नापाक हरकत कर सकते हैं, जिसे नाकाम करने के लिए जवान नदियों और जंगलों में दिन-रात गश्त कर रहे हैं.
लाल किले पर दिखेगा 'मिनी इंडिया'
परेड के जोश के साथ ही दिल्ली के लाल किले पर 'भारत पर्व' का मेला सजने जा रहा है. 26 से 31 जनवरी तक चलने वाले इस महोत्सव का उद्घाटन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत करेंगे. यहां आपको हिंदुस्तान के हर राज्य की कला, संस्कृति और खान-पान का स्वाद एक ही जगह पर मिलेगा.
हमारे साथ जुड़े रहिए और अनुभव कीजिए उस गौरवशाली क्षण को, जब पूरा देश एक सुर में 'जन-गण-मन' गाएगा.
Here Are The Highlights of Republic Day Parade 2026
राजस्थान की झांकी: बीकानेरी 'उस्ता कला' का जलवा
कर्तव्य पथ पर राजस्थान की झांकी ने अपनी शाही चमक से सबका मन मोह लिया. इस बार की झांकी में बीकानेर की प्रसिद्ध उस्ता कला का प्रदर्शन किया गया है, जिसमें 24 कैरेट सोने के वर्क और प्राकृतिक रंगों से सजी मेहराबें और कुप्पियां इसे 'शाही' लुक दे रही हैं.
झांकी के साथ राजस्थान के कलाकार पारंपरिक 'गेर नृत्य' करते हुए चल रहे हैं, जो प्रदेश की जीवंत संस्कृति को दर्शा रहा है. यह झांकी राजस्थान की लोक परंपरा, विविधता और पारंपरिक शिल्प कौशल का गौरवपूर्ण परिचय दे रही है.
हिमाचल की झांकी में दिखा पहाड़ियों का साहस और अटूट देशभक्ति
77वें गणतंत्र दिवस पर हिमाचल प्रदेश की झांकी ने दुनिया को यह दिखाया कि यह प्रदेश न केवल 'देव भूमि' (देवताओं की भूमि) है, बल्कि एक महान 'वीर भूमि' भी है. झांकी के अगले हिस्से में पारंपरिक हिमाचली टोपी और काठकुणी वास्तुकला की झलक दिखाई गई, जिसके शिखर पर राज्य के चार परमवीर चक्र विजेताओं की प्रतिमाएं स्थापित थीं.
झांकी के मध्य और पिछले भाग में उन 1,203 वीरता पुरस्कार विजेताओं को श्रद्धांजलि दी गई, जिन्होंने देश की रक्षा में अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया. बर्फ से ढकी पहाड़ियों के बीच तिरंगा फहराते सैनिकों और मेजर सोमनाथ शर्मा से लेकर कैप्टन विक्रम बत्रा तक की वीरगाथाओं ने कर्तव्य पथ पर मौजूद हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया.
पंजाब की झांकी: गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी पर्व को समर्पित
77वें गणतंत्र दिवस पर पंजाब की झांकी सिखों के नौवें गुरु, गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी पर्व को समर्पित थी. 'हिंद दी चादर' कहे जाने वाले गुरु साहिब के सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए इस झांकी में मानवता और धर्म की रक्षा के संदेश को उकेरा गया. झांकी के अगले हिस्से में 'एक ओंकार' का घूमता हुआ स्वरूप और आशीर्वाद देते हुए हाथ की मुद्रा दिखाई गई, जो करुणा और साहस का प्रतीक है.
ट्रेलर पर दिल्ली के ऐतिहासिक गुरुद्वारा सीस गंज साहिब की प्रतिकृति बनाई गई थी, जहाँ रागी सिंहों द्वारा 'शब्द कीर्तन' की प्रस्तुति ने पूरे कर्तव्य पथ को भक्तिमय कर दिया. झांकी के किनारों पर गुरु साहिब के अनन्य साथियों—भाई मति दास, भाई सती दास और भाई दयाला जी—के बलिदान को भी दर्शाया गया, जो अटूट विश्वास और मानवीय गरिमा की रक्षा की याद दिलाते हैं.
यूपी की झांकी में 'एकमुख शिवलिंग' और आधुनिक उद्योगों का दम
77वें गणतंत्र दिवस पर उत्तर प्रदेश की झांकी में बुंदेलखंड की ऐतिहासिक भव्यता और राज्य के आधुनिक विकास का संगम देखने को मिला.
झांकी के अगले हिस्से में कालिंजर के प्रसिद्ध 'एकमुख शिवलिंग' को दिखाया गया, जो इस क्षेत्र की प्राचीन आध्यात्मिक और वास्तुकला विरासत का प्रतीक है.
झांकी के मध्य भाग में बुंदेलखंड के पारंपरिक शिल्प, मिट्टी के बर्तन और मनके के काम को 'एक जनपद एक उत्पाद' (ODOP) के रूप में प्रदर्शित किया गया.
इसके साथ ही, अजेय कालिंजर किले की भव्यता और नीलकंठ महादेव मंदिर के दृश्यों ने बुंदेलखंड के गौरवशाली इतिहास को जीवंत कर दिया.
झांकी का पिछला हिस्सा आधुनिक उत्तर प्रदेश की तस्वीर पेश कर रहा था, जिसमें एक्सप्रेस-वे, औद्योगिक विकास और बुनियादी ढांचे के जरिए तेजी से प्रगति करते राज्य के विजन को दिखाया गया. बुंदेली लोक नर्तकों की प्रस्तुति ने इस पूरी झांकी में उत्साह और संस्कृति के रंग भर दिए.
छत्तीसगढ़ ने झांकी में दिखाया देश का पहला 'डिजिटल ट्राइबल म्यूजियम'
77वें गणतंत्र दिवस पर छत्तीसगढ़ की झांकी ने अपने वीर आदिवासी नायकों और देश के पहले 'डिजिटल संग्रहालय' की झलक पेश की.
झांकी के अगले हिस्से में 1910 के 'भूमकाल विद्रोह' के महानायक वीर गुंडाधुर की प्रतिमा दिखाई गई, जो अन्याय के खिलाफ एकता का प्रतीक थे.
झांकी के पिछले हिस्से में छत्तीसगढ़ के प्रथम शहीद वीर नारायण सिंह को घोड़े पर सवार दिखाया गया, जिन्होंने 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में अपनी सेना के साथ अंग्रेजों का मुकाबला किया था.
इस झांकी के जरिए नवा रायपुर में बने उस डिजिटल म्यूजियम को भी दर्शाया गया, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था. यह म्यूजियम आदिवासी समाज के 14 बड़े विद्रोहों और उनके बलिदान की कहानियों को आधुनिक तकनीक के जरिए संरक्षित करता है.
गृह मंत्रालय की झांकी: कर्तव्य पथ पर दिखी 'नए कानूनों' की झलक
77वें गणतंत्र दिवस पर गृह मंत्रालय की झांकी में देश के नए कानून—भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम—का प्रदर्शन किया गया. झांकी के अगले हिस्से में नए संसद भवन के ऊपर इन तीनों कानून की किताबों को दिखाया गया, जो गुलामी के दौर के कानूनों से आजादी और आधुनिक न्याय प्रणाली की ओर बढ़ते कदम का प्रतीक हैं. झांकी के बीच में फॉरेंसिक एक्सपर्ट और ई-साक्ष्य ऐप (e-Sakshya App) का इस्तेमाल करते पुलिसकर्मियों के जरिए यह संदेश दिया गया कि अब जांच वैज्ञानिक और सबूतों पर आधारित होगी. झांकी के पिछले हिस्से में 'जन केंद्रित न्याय प्रणाली' के विचार को दर्शाया गया, जो यह बताता है कि नए कानून अब आम नागरिक के लिए न्याय पाना और भी आसान और पारदर्शी बनाएंगे.
असम की झांकी: कर्तव्य पथ पर दिखा 'अशारीकांडी' टेराकोटा कला का जादू
77वें गणतंत्र दिवस पर असम की झांकी में धुबरी जिले के 'अशारीकांडी' गांव की प्रसिद्ध टेराकोटा (मिट्टी शिल्प) कला का शानदार प्रदर्शन किया गया. झांकी के अगले हिस्से में मिट्टी के दीये लिए हुए एक विशाल टेराकोटा गुड़िया दिखाई गई, जो असम की पारंपरिक कला का प्रतीक है. पूरी झांकी को एक सुंदर 'मयूरपंखी नाव' की शक्ल दी गई थी, जिसमें कलाकारों को 'हीरामति' (मिट्टी) से देवी-देवताओं की मूर्तियां बनाते हुए दिखाया गया. झांकी के साथ पारंपरिक मेखला चादर पहने महिला कलाकार लोक गीतों पर थिरकती नजर आईं, जो असम की आत्मनिर्भरता और वैश्विक स्तर पर पहचान बनाती इसकी प्राचीन शिल्प कला को दर्शा रहा था.
झांकी में दिखा गुजरात का शौर्य: मैडम कामा से महात्मा गांधी तक का सफर
77वें गणतंत्र दिवस पर गुजरात की झांकी ने 'वंदे मातरम' के 150 साल और नवसारी की वीर सपूत मैडम भीखाजी कामा के योगदान को बेहद खूबसूरती से दर्शाया. 'स्वदेशी, स्वावलंबन और स्वतंत्रता' के मंत्र पर आधारित इस झांकी में भीखाजी कामा को 1907 में पेरिस में फहराए गए 'वंदे मातरम' अंकित झंडे के साथ दिखाया गया, जो उस दौर में विदेशी धरती पर भारत की आजादी की बुलंद आवाज बना था.
झांकी के बीच के हिस्से में भारतीय तिरंगे के क्रमिक विकास की यात्रा को दिखाया गया, जबकि पिछले हिस्से में महात्मा गांधी और चरखे के जरिए आत्मनिर्भर भारत के विजन को पेश किया गया. कवि झावेरचंद मेघानी के देशभक्ति गीत 'कसुंबी नो रंग' पर थिरकते कलाकारों ने कर्तव्य पथ पर गुजरात की सांस्कृतिक विरासत और स्वाधीनता संग्राम के गौरवशाली इतिहास की जीवंत तस्वीर पेश की.
BSF का ऊंट दस्ता: रेगिस्तान के जहाज
परेड का सबसे आकर्षक हिस्सा BSF (सीमा सुरक्षा बल) का ऊंट दस्ता और उनका बैंड रहा. अपने ऊंट 'चेतक' पर सवार डिप्टी कमांडेंट महेंद्र पाल सिंह राठौर ने इस दस्ते का नेतृत्व किया. राजस्थान के थार रेगिस्तान और कच्छ के रण में ये ऊंट ही बीएसएफ जवानों के सबसे भरोसेमंद साथी हैं. ये तस्करों और घुसपैठियों को रोकने में अहम भूमिका निभाते हैं.
दिल्ली पुलिस: 6 फीट से ऊंचे जवानों की शान
कर्तव्य पथ पर जब दिल्ली पुलिस का दस्ता लाल साफा (पगड़ी) पहनकर निकला, तो उनकी भव्यता देखते ही बनी. इस दस्ते में केवल उन्हीं जवानों को शामिल किया जाता है जिनकी लंबाई 6 फीट से अधिक होती है. दिल्ली पुलिस अब तक 17 बार 'बेस्ट मार्चिंग कंटिंजेंट' का अवॉर्ड जीत चुकी है.
ITBP: 'हिमवीर' जो ऊंचाइयों पर देते हैं पहरा
इसके बाद ITBP (भारत-तिब्बत सीमा पुलिस) का दस्ता आया. ये वो 'हिमवीर' हैं जो भारत और चीन की 3,488 किलोमीटर लंबी दुर्गम सीमा की रक्षा करते हैं. यह बल न केवल सुरक्षा करता है, बल्कि आपदा के समय लोगों की जान बचाने और माउंट एवरेस्ट जैसी चोटियों को फतह करने के लिए भी जाना जाता है.
CRPF: 'सेवा और निष्ठा' के साथ पहली बार महिला नेतृत्व
परेड की शुरुआत CRPF (केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल) के बैंड से हुई, जिसकी धुन "देश के हम हैं रक्षक" ने सबका मन मोह लिया. इस बार की सबसे खास बात यह थी कि CRPF के दस्ते का नेतृत्व पहली बार महिला असिस्टेंट कमांडेंट सिमरन बाला और सुरभि रवि ने किया. 3.30 लाख से ज्यादा जवानों वाला यह बल जम्मू-कश्मीर और नक्सल प्रभावित इलाकों में देश की रक्षा करता है. अब तक इस बल को 2,543 वीरता पदक मिल चुके हैं.
गणतंत्र दिवस 2026: कर्तव्य पथ पर दिखा CRPF, ITBP और दिल्ली पुलिस का दम
भारत के 77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर देश की आंतरिक सुरक्षा और सीमाओं की रक्षा करने वाले जांबाज जवानों ने कर्तव्य पथ पर अपनी ताकत और अनुशासन का प्रदर्शन किया. इस भव्य परेड में CRPF, ITBP, दिल्ली पुलिस और BSF के दस्तों ने मार्च पास्ट कर देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया.
आसमान पर नजर और जमीन पर चौकसी
परेड में सेना के ट्रेंड शिकारी पक्षी (रैप्टर्स) भी दिखाई दिए, जो दुश्मन पर नजर रखने और हवाई सुरक्षा में मदद करते हैं. साथ ही, सेना के सबसे भरोसेमंद साथी डॉग स्क्वॉड ने भी मार्च किया. ये कुत्ते बम ढूंढने, आतंकियों का पता लगाने और आपदा के समय मलबे में दबे लोगों को बचाने में माहिर होते हैं.
पहाड़ों और रेगिस्तान के असली हीरो
इस परेड में लद्दाख की कड़कड़ाती ठंड में साथ निभाने वाले बैक्ट्रियन ऊंट और छोटे कद के लेकिन बेहद मजबूत ज़ांस्कर पोनी (घोड़े) शामिल थे.
ऊंट: ये लद्दाख जैसी जगह पर 15,000 फीट की ऊंचाई पर भी 250 किलो वजन उठाकर चल सकते हैं.
घोड़े: ये ज़ांस्कर पोनी -40 डिग्री की ठंड में भी सियाचिन जैसी दुर्गम चोटियों तक सेना का सामान पहुंचाते हैं.
पहली बार परेड में दिखे भारतीय सेना के 'अनमोल' जानवर
भारत के 77वें गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ पर कुछ ऐसा हुआ जो पहले कभी नहीं देखा गया था. भारतीय सेना के जांबाज सैनिकों के साथ इस बार उनके वफादार जानवर भी परेड का हिस्सा बने. यह पहली बार है जब सेना ने अपने इन खास मददगारों—ऊंटों, घोड़ों, कुत्तों और शिकारी पक्षियों को पूरी दुनिया के सामने एक साथ पेश किया.
17 विमानों ने आसमान में करतब दिखाए
यह परेड पिछले वर्ष हुए 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद पहली बार आयोजित की जा रही है, जिसमें अत्याधुनिक रक्षा प्लेटफॉर्म और 29 विमानों की भव्य फ्लाईपास्ट विशेष आकर्षण है. फ्लाईपास्ट में राफेल, सुखोई-30, पी-8आई, सी-295, मिग-29, अपाचे, एलसीएच, एएलएच, और एमआई-17 जैसे विमान अलग-अलग संरचनाओं में आसमान में करतब दिखाए.
गैलरियों को दिए नदियों के नाम
रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस महीने की शुरुआत में बताया था कि पारंपरिक व्यवस्था से हटकर इस बार दीर्घाओं को चिह्नित करने के लिए ‘वीवीआईपी’ और अन्य ऐसे लेबल का इस्तेमाल नहीं किया गया है. इसके बजाय, इन्हें भारत में बहने वाली नदियों के नाम दिए गए हैं. इन दीर्घाओं में ब्यास, ब्रह्मपुत्र, चंबल, चिनाब, गंडक, गंगा, घाघरा, गोदावरी, सिंधु, झेलम, कावेरी, कोसी, कृष्णा, महानदी, नर्मदा, पेन्नार, पेरियार, रावी, सोन, सतलुज, तीस्ता, वैगई और यमुना शामिल हैं.
Republic Day Parade 2026 LIVE: हेलीकॉप्टरों से कर्तव्य पथ पर पुष्प वर्षा
ध्वज फॉर्मेशन में 129 हेलीकॉप्टर यूनिट के चार Mi-17 1V हेलीकॉप्टरों द्वारा दिल्ली के कर्तव्य पथ पर पुष्प वर्षा की. इस हेलीकॉप्टर फॉर्मेशन का नेतृत्व ग्रुप कैप्टन आलोक अहलावत ने किया.
77th #RepublicDay🇮🇳 | Flower petals being showered at the Kartavya Path in Delhi by four Mi-17 1V helicopters of the 129 Helicopter Unit in the Dhwaj Formation. This formation of helicopters is led by Group Captain Alok Ahlawat
— ANI (@ANI) January 26, 2026
(Source: DD) pic.twitter.com/KC6l2NKwKx
कर्तव्य पथ पर परेड शुरू हो गई है
कर्तव्य पथ पर 77वें गणतंत्र दिवस की परेड शुरू हो गई है. इससे पहले राष्ट्रपति मुर्मू ने भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन और भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला को देश के सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता सम्मान अशोक चक्र से सम्मानित किया गया.
#WATCH | 77th #RepublicDay🇮🇳 | National Flag unfurled at the Kartavya Path in Delhi, followed by the National Anthem with a thunderous 21-gun salute using 105 mm Light Field Guns, an indigenously developed artillery weapon system
— ANI (@ANI) January 26, 2026
(Source: DD) pic.twitter.com/Q2IgPGAE0K
Republic Day LIVE: कर्तव्य पथ पर पहुंचा राष्ट्रपति का काफिला
इंतजार की घड़ियां खत्म हुईं. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का काफिला भव्य अंदाज में 'कर्तव्य पथ' पर पहुंच चुका है. राष्ट्रपति मुर्मू उसी ऐतिहासिक 'शाही बग्गी' पर सवार होकर आईं हैं, जिसका गौरवमयी इतिहास पाकिस्तान के साथ हुए उस 'सिक्का उछाल' (Coin Toss) से जुड़ा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रोटोकॉल के साथ राष्ट्रपति का स्वागत किया.
Republic Day Parade 2026 LIVE: 'कर्तव्य पथ' पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का काफिला नेशनल वॉर मेमोरियल से सीधे 'कर्तव्य पथ' पर पहुंच चुका है. तस्वीरों में पीएम मोदी अपने पारंपरिक अंदाज में, सिर पर साफा बांधे नजर आ रहे हैं. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गर्मजोशी से उनका स्वागत किया है.
77वें गणतंत्र पर फिर दिखा वो 'शाही रथ', जिसे भारत ने पाकिस्तान से सिक्के की बाजी में जीता था!
आज जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू कर्तव्य पथ पर भव्य परेड के लिए निकलीं, तो पूरी दुनिया की नजरें उस 'ऐतिहासिक बग्गी' पर टिक गईं. यह सिर्फ एक सवारी नहीं, बल्कि भारत के स्वाभिमान और एक ऐसी जीत की कहानी है जिसे सुनकर आज भी रोंगटे खड़े हो जाते हैं.
यह कहानी है साल 1947 की. बंटवारे के वक्त जब संपत्तियों का बंटवारा हो रहा था, तब वायसराय की इस आलीशान 6 घोड़ों वाली बग्गी पर भारत और पाकिस्तान दोनों ने दावा ठोक दिया. बहस बढ़ी तो समाधान निकला—'सिक्का उछालना'.
भारत की ओर से कर्नल ठाकुर गोविंद सिंह और पाकिस्तान की ओर से साहबजादा याकूब खान आमने-सामने थे. हवा में सिक्का उछला, धड़कनें रुकी थीं और जब सिक्का जमीन पर गिरा, तो जीत हिंदुस्तान की हुई. पाकिस्तान वो टॉस हार गया और यह बेशकीमती बग्गी हमेशा के लिए भारत की विरासत बन गई.
काले रंग की इस बग्गी पर सोने की परत चढ़ी है और अंदर लाल मखमली इंटीरियर के साथ अशोक चक्र उकेरा गया है.
इंदिरा गांधी की हत्या के बाद सुरक्षा कारणों से राष्ट्रपति ने बग्गी का इस्तेमाल बंद कर बुलेटप्रूफ लिमोजिन अपना ली थी.
साल 2014 में पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने 'बीटिंग रिट्रीट' के लिए इसे फिर से शुरू किया. अब 2026 में भी यह 'शाही बग्गी' कर्तव्य पथ की शोभा बढ़ा रही है.

अब से कुछ ही पलों में 'कर्तव्य पथ' पहुंचेंगे प्रधानमंत्री मोदी
धड़कनें तेज हैं और निगाहें 'कर्तव्य पथ' की ओर. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नेशनल वॉर मेमोरियल से निकल चुके हैं और किसी भी पल उनकी 'एंट्री' कर्तव्य पथ पर होने वाली है. साफे में सजे प्रधानमंत्री का स्वागत करने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तैयार हैं. अब से कुछ ही मिनटों में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का काफिला भी यहां पहुंचेगा, जिसके बाद 21 तोपों की सलामी के साथ फहराया जाएगा तिरंगा. पूरा देश इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए अपनी स्क्रीन से चिपका हुआ है.
PM Modi LIVE: नेशनल वॉर मेमोरियल पहुंचे पीएम मोदी
77वें गणतंत्र दिवस के गौरवमयी अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नेशनल वॉर मेमोरियल पहुंचे. पीएम मोदी ने देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर शहीदों को पुष्पचक्र अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी.
इस दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और तीनों सेनाओं के प्रमुख भी मौजूद रहे.
77th Republic Day LIVE: झालावाड़ में कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने फहराया तिरंगा, 36 प्रतिभाएं सम्मानित
हाड़ौती की धरा झालावाड़ में 77वें गणतंत्र दिवस का उत्सव पूरे राजकीय सम्मान के साथ मनाया गया. विजया राजे सिंधिया राजकीय खेल संकुल में आयोजित मुख्य समारोह में जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली. पुलिस, होमगार्ड और एनसीसी कैडेट्स की अनुशासित कदमताल ने दर्शकों में जोश भर दिया, वहीं राज्यपाल के संदेश पठन के साथ प्रदेश की प्रगति का संकल्प लिया गया.
समारोह का मुख्य आकर्षण वह पल रहा जब कलेक्टर ने जिले का मान बढ़ाने वाली 36 प्रतिभाओं को सम्मानित किया, जिससे पूरा स्टेडियम तालियों की गूंज से सराबोर हो गया.
77th Republic Day LIVE Rajasthan: बालोतरा में कलेक्टर सुशील कुमार ने किया ध्वजारोहण
मरुधरा की वीर धरा बालोतरा में 77वें गणतंत्र दिवस का उत्सव पूरे उल्लास के साथ मनाया गया. जिला स्तरीय मुख्य समारोह में जिला कलेक्टर सुशील कुमार ने ध्वजारोहण किया और परेड का निरीक्षण कर मार्चपास्ट की सलामी ली.
विधायक अरुण चौधरी की मौजूदगी में आयोजित इस गरिमामय समारोह में स्कूली बच्चों ने देशभक्ति के गीतों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से समां बांध दिया.
कार्यक्रम के अंत में जिले का नाम रोशन करने वाली प्रतिभाओं और कर्मठ कर्मचारियों को सम्मानित किया गया, जिससे पूरा परिसर राष्ट्रप्रेम के नारों से सराबोर हो गया.
77th Republic Day Live: कोटा में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने फहराया तिरंगा
राजस्थान के शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने कोटा के महाराव उम्मेदसिंह स्टेडियम में 77वें गणतंत्र दिवस पर ध्वजारोहण किया. समारोह में अनुशासित कदमताल के साथ पुलिस, RAC और NCC की टुकड़ियों ने मार्चपास्ट कर सलामी दी, वहीं कलेक्टर पीयूष समारिया की मौजूदगी में राज्यपाल के संदेश का वाचन किया गया.
कार्यक्रम के दौरान जहां 66 प्रतिभाओं को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए नवाजा गया, वहीं वीरांगनाओं और स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान ने हर आंख को गर्व से भर दिया. अंत में रंगारंग झांकियों और देशभक्ति के गीतों ने पूरे स्टेडियम को तिरंगे के रंग में सराबोर कर दिया.
Republic Day 2026 Live: दौसा में कैबिनेट मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने फहराया तिरंगा
दौसा के जिला स्तरीय समारोह में कैबिनेट मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली. परेड कमांडर सचिन शर्मा के नेतृत्व में निकले मार्च पास्ट ने अनुशासन की मिसाल पेश की, वहीं एडीएम द्वारा राज्यपाल के संदेश का पठन कर प्रदेश की खुशहाली का संकल्प दोहराया गया.
कार्यक्रम का सबसे भावुक और गौरवपूर्ण क्षण तब रहा जब अतिथियों ने शहीदों की वीरांगनाओं का सम्मान किया, जिससे पूरा स्टेडियम तालियों और 'भारत माता की जय' के नारों से गूंज उठा.
Republic Day Parade LIVE: PM मोदी कुछ ही देर में पहुंचेंगे नेशनल वॉर मेमोरियल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कुछ ही समय में अपने आवास से राष्ट्रीय समर स्मारक (National War Memorial) के लिए रवाना होने वाले हैं. परंपरा के अनुसार, परेड शुरू होने से पहले पीएम देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित करेंगे. उनके साथ रक्षा मंत्री और तीनों सेनाओं के प्रमुख भी मौजूद रहेंगे.
बीकानेर की उस्ता कला से चमकेगा राजस्थान, देखें झांकी की पहली झलक
Rajasthan Tableau Live: दिल्ली के कर्तव्य पथ पर अब से कुछ ही देर बाद राजस्थान की झांकी का दीदार होगा. इस बार राजस्थान की थीम "मरुस्थल का स्वर्ण स्पर्श" रखी गई है, जो अपनी शाही विरासत और शिल्पकला से दुनिया को मंत्रमुग्ध करने के लिए तैयार है.
झांकी के सबसे आगे राजस्थान के प्रसिद्ध लोक वाद्य 'रावणहट्टा' बजाते कलाकार की 180 डिग्री घूमने वाली प्रतिमा लगाई गई है.
पूरी झांकी उस्ता कला (ऊंट की खाल पर स्वर्ण जड़ाई) पर आधारित है. बीकानेर की इस विश्वविख्यात कला को GI टैग भी प्राप्त है.
झांकी के पिछले हिस्से में एक विशाल ऊंट और ऊंट सवार की प्रतिमा है, जो मरुधरा के लोक जीवन का प्रतीक है.
24 कैरेट सोने के वर्क और प्राकृतिक रंगों से सजी मेहराबें और कुप्पियां इस झांकी को 'शाही' लुक दे रही हैं.
झांकी के चारों ओर कलाकार 'गेर लोक नृत्य' करते हुए चलेंगे, जो राजस्थान की जीवंत सांस्कृतिक पहचान को पूरी दुनिया के सामने पेश करेंगे.

जयपुर पुलिस कमिश्नरेट में लहराया तिरंगा, कमिश्नर सचिन मित्तल पुलिसकर्मियों का मुंह करवाया मीठा
गुलाबी नगरी की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाले जयपुर पुलिस कमिश्नरेट में आज सुबह गणतंत्र दिवस का उत्साह देखते ही बना. पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने सुबह 8:15 बजे ध्वजारोहण कर राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी. ध्वजारोहण के बाद कमिश्नर सचिन मित्तल ने वहां मौजूद सभी पुलिस अधिकारियों और जवानों को मिठाई खिलाकर गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं.
इस मौके पर अतिरिक्त पुलिस आयुक्त योगेश दाधीच, डीसीपी राजेश कांवत, हनुमान प्रसाद मीणा (पश्चिम), अभिजीत सिंह (अपराध) और सुमित मेहरड़ा (यातायात) सहित कमिश्नरेट के तमाम आला अधिकारी मौजूद रहे.

DGP राजीव शर्मा ने फहराया तिरंगा, 45 पुलिस जांबाज हुए सम्मानित
राजस्थान पुलिस मुख्यालय (PHQ) में गणतंत्र दिवस का भव्य समारोह आयोजित किया गया. प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव शर्मा ने सुबह 8:15 बजे ध्वजारोहण कर तिरंगे को सलामी दी. समारोह का सबसे बड़ा आकर्षण अलंकरण समारोह रहा. DGP ने प्रदेश के 45 पुलिस अधिकारियों और मंत्रालयिक कर्मचारियों को विशिष्ट सेवा पदकों से नवाजा.
इन कार्मिकों को जांच में कुशलता, प्रशासनिक दक्षता और विशिष्ट कार्यों के लिए 'उत्कृष्ट एवं अति उत्कृष्ट सेवा पदक' और 'DGP डिस्क' प्रदान की गई.
खास बात यह रही कि वर्दीधारी अधिकारियों के साथ-साथ पुलिस प्रशासन को सुचारू चलाने वाले मंत्रालयिक कर्मचारियों को भी उनके योगदान के लिए प्रशंसा पत्र दिए गए.

Republic Day 2026 LIVE: BJP मुख्यालय पर मदन राठौड़ का पलटवार
Rajasthan Republic Day Update: जयपुर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में गणतंत्र दिवस का भव्य समारोह आयोजित किया गया. इस मौके पर प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने ध्वजारोहण किया. समारोह में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सहित भाजपा के कई दिग्गज नेता मौजूद रहे. इस अवसर पर राठौड़ ने कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा, 'भाजपा ने संविधान को हमेशा सर्वोच्च सम्मान दिया है. पीएम मोदी ने पहली बार संसद में प्रवेश करते समय संविधान को माथे से लगाकर नमन किया था.'
उन्होंने पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश की बदहाली का जिक्र करते हुए कहा कि वहां संवैधानिक व्यवस्थाएं चरमरा गई हैं, लेकिन भारत में संविधान ही नागरिकों की सुरक्षा की ढाल है. उन्होंने अपील की कि नागरिकों में व्यक्तिगत जीवन के साथ-साथ राष्ट्रीय चरित्र भी पैदा होना चाहिए, ताकि देश मजबूत बने.

Rajasthan Republic Day 2026 LIVE: 'भारत का संविधान दुनिया में सबसे महान'
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने तिरंगा फहराने के बाद कहा, 'मैं गणतंत्र दिवस के अवसर पर राज्य की जनता को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं. आज ही के दिन 1950 में हमारा संविधान लागू हुआ था. भारत का संविधान विश्व का सबसे लंबा लिखित संविधान है और हम सभी इस संविधान से बंधे हुए हैं. भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है. मैं उन सभी को नमन करता हूं जिन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में अपना जीवन समर्पित किया और संविधान को लागू करवाया.'
#WATCH | Jaipur: Rajasthan CM Bhajanlal Sharma says, "I extend greetings to people of the state on the occasion of #RepublicDay. On this day in 1950, our Constitution came into effect. India's Constitution is the longest written Constitution in the world, and we are all bound by… https://t.co/EWW8ki0UkI pic.twitter.com/0Tw7KovwyE
— ANI (@ANI) January 26, 2026
Republic Day 2026 LIVE Updates: गहलोत और पायलट का संदेश
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने सोशल मीडिया के जरिए जनता को बधाई दी और संविधान की रक्षा का आह्वान किया.
अशोक गहलोत: 'हमारा संविधान केवल कानूनी दस्तावेज नहीं, बल्कि हर नागरिक के हक की ढाल है. आइए इसकी मूल भावना की रक्षा का संकल्प लें.'
सचिन पायलट: 'संविधान, लोकतांत्रिक परंपराओं और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करना ही राष्ट्र की प्रगति का आधार है.'
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली बोले- ये शंकराचार्य को भी नहीं मान रहे
नेता प्रतिपक्ष ने बड़ी चौपड़ पर ध्वजारोहण के दौरान टीकाराम जूली ने धर्म के मुद्दे पर बीजेपी को घेरा. जूली ने कहा, 'जो लोग सनातन की बात करते हैं, वे आज शंकराचार्य तक की बात नहीं मान रहे. जिन लोगों को पूजा करनी चाहिए, वे राजनीति कर रहे हैं.' उन्होंने रोजगार, किसान की आमदनी और डॉलर के मुकाबले गिरते रुपये को लेकर भी सरकार को घेरा.
समारोह में वैभव गहलोत, महेंद्रजीत सिंह मालवीया, प्रतापसिंह खाचरियावास और रफीक खान समेत कई दिग्गज कांग्रेसी नेता मौजूद रहे.
PCC में डोटासरा का बड़ा हमला: 'खून की आखिरी बूंद तक संविधान के लिए लड़ेंगे'
जयपुर स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय (PCC) में गणतंत्र दिवस का जलसा राजनीतिक अखाड़े में तब्दील हो गया. पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने ध्वजारोहण के बाद केंद्र सरकार पर तीखे प्रहार किए. डोटासरा ने कहा, 'जब से मोदी सरकार सत्ता में आई है, संविधान बदलने की कोशिश हो रही है. संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता खत्म की जा रही है. जब तक हमारे खून की आखिरी बूंद होगी, हम बाबा साहब के दिए संविधान को बचाने के लिए लड़ेंगे.' उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों के वोट देने के अधिकार को खत्म करने की साजिश रची जा रही है.
Republic Day 2026 LIVE: विधानसभा से सिविल लाइंस तक गूंजा 'वंदे मातरम', स्पीकर देवनानी ने फहराया तिरंगा
राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने आज सुबह 77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर दो प्रमुख स्थानों पर ध्वजारोहण किया. कार्यक्रम की शुरुआत विधानसभा परिसर में हुई, जहां देवनानी ने तिरंगा फहराया. राष्ट्रगान की गूंज के बीच पुलिस टुकड़ी ने राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी. इसके बाद स्पीकर देवनानी सिविल लाइंस स्थित अपने सरकारी आवास पहुंचे और वहां भी ध्वजारोहण कर लोकतंत्र का उत्सव मनाया. इस मौके पर देवनानी ने प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा, 'हमें संविधान के मूल्यों और लोकतांत्रिक परंपराओं के प्रति हमेशा निष्ठावान रहना चाहिए.'

जयपुर: CM भजनलाल शर्मा ने मुख्यमंत्री निवास पर फहराया तिरंगा
Rajasthan Republic Day Live: राजस्थान की राजधानी जयपुर में गणतंत्र दिवस का जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार सुबह अपने निवास (CMR) पर ध्वजारोहण किया. तिरंगा फहराने के बाद कंपनी कमांडर राजेंद्र शर्मा के नेतृत्व में आर.ए.सी. (RAC) की टुकड़ी ने मुख्यमंत्री को गार्ड ऑफ ऑनर दिया. इस दौरान सीएम ने प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए लोकतंत्र की मजबूती का संकल्प दोहराया. इसके तुरंत बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ जयपुर की ऐतिहासिक बड़ी चौपड़ पहुंचे. बड़ी चौपड़ पर आयोजित समारोह में भाजपा के कई बड़े चेहरे एक साथ नजर आए. इनमें विधायक गोपाल शर्मा, विधायक बालमुकुंद आचार्य, पूर्व मेयर सौम्या गुर्जर और कुसुम यादव का नाम शामिल है. इस मौके पर मुख्यमंत्री कार्यालय और निवास के वरिष्ठ अधिकारी-कर्मचारी भी मौजूद रहे.

