Govt teacher received award: गणतंत्र दिवस के मौके पर उदयपुर जिला प्रशासन ने एक सरकारी शिक्षक का सम्मान किया. शिक्षक नारायण सिंह चौहान ने आदिवासी क्षेत्र में नवजातों की तस्करी के मामले का खुलासा किया. यही नहीं, उन्होंने इस केस से जुड़े अभियुक्तों की गिरफ्तारी में भी अहम भूमिका निभाई. नारायण सिंह चौहान वर्तमान में कुराबड़ ब्लॉक के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय (नलाफला) में कार्यरत हैं. उन्होंने इस गिरोह के बारे में जानकारी जुटाई. खास बात यह है कि उनके फोन में कैद वीडियो को आधार बनाकर पुलिस ने कानूनी कार्रवाई की है. NDTV से बातचीत में शिक्षक ने बताया कि इसी साल 15 जनवरी को उदयपुर कोर्ट में उनके बयान भी हुए.
आदिवासी अंचल में ऐसे जुटाई जानकारी
शिक्षक ने बताया कि वो आदिवासी अंचल के गांव कोटड़ा-झाड़ोल में उन घरों तक भी पहुंचे, जिन्होंने नवजात को बेचा था. इन्हीं परिवारों के जरिए दलालों की जानकारी मिली और फिर गिरोह की मास्टरमाइंड 'राजकुमारी' से मुलाकात की. उन्होंने राजकुमारी के कबूलनामे को कैमरे में रिकॉर्ड किया. इन्हीं सबूतों के आधार पर एक के बाद एक दलाल तक पहुंचते हुए इस पूरे गिरोह का खुलासा किया गया.
दिल्ली से भी हुई दलाल की गिरफ्तारी
जब एक मीडिया समूह ने इस रिपोर्ट को प्रकाशित किया तो पुलिस एसपी ने शिक्षक से संपर्क किया. इसके बाद पुलिस ने उनसे बयान देने को कहा तो शिक्षक पीछे नहीं हटे और गवाह बनने को तैयार हो गए. मामले में कई लोगों की भूमिका सामने आई और फिर पुलिस ने आरोपी मनोज को दिल्ली से भी गिरफ्तार किया. केस में सहयोग करने और बहादुरी दिखाने की वजह से जिला प्रशासन ने शिक्षक को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया है.
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