Rajasthan Elections: चुनावों के दौरान आचार संहिता लगना आम बात होती है. आचार संहिता के दौरान किसी को भी इसके विपरीत कार्य करने पर उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाती है. लेकिन आचार संहिता के उल्लंघन में भगवान को ही नोटिस थमा दिया जाए और उनसे जवाब मांगा जाए तो आप क्या कहेंगे?
दरसअल, सिरोही के स्वरुपगंज के पिण्डवाड़ा आबू विधानसभा में स्वरुपंगज पुलिस थाने के सामने मुनि जी महाराज का मंदिर है. वहां 3 दिसम्बर को कुछ लोग सभा कर रहे थे. एफएसटी की टीम भी वहां पहुंची. उसने वीडियो भी बनाया. फिर इसके बाद आचार संहिता का उल्लंघन का दोषी मानते हुए आबू पिण्डवाड़ा रिटर्निग अधिकारी सिद्धार्थ पलानिचामी ने मुनि जी मंदिर के नाम ही नोटिस थमाकर 10 नवम्बर को पेश होने का आदेश दिया.
निर्वाचन विभाग की तरफ से दिए गए नोटिस खबर आग की तरह फैल गयी और मामला ज्यादा गम्भीर होने लगा था. बाद में आईएएस सिद्धार्थ पलानिचामी को मामले के बारे में पता चला, तो उन्होंने लिखित में नोटिस को एक गलती मानते हुए उसे वापस ले लिया. इसके बाद मामला शांत हुआ. स्थानीय लोगों ने बताया कि यह बहुत पुराना मंदिर है. जहां मुनि जी महाराज रहते थे. उनकी मौत के बाद से उनकी प्रतिमा वहां स्थापित है, जिन्हें लोग भगवान मान कर पूजा अर्चना करते है.
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