आरजीएचएस योजना के मामले में कांग्रेस द्वारा सवाल उठाए जाने के बाद सरकार ने जानकारी दी है. राजस्थान सरकार का कहना है आरजीएचएस योजना को लगातार सुदृढ़ किया जा रहा है. अस्पताल, फार्मेसी सहित सभी हितधारकों का ध्यान भी रखा जा रहा है. साथ ही, इसमें अनियमितताओं पर भी प्रभावी रोकथाम सुनिश्चित की गई है. योजना के तहत अस्पतालों एवं फार्मेसी को इस वित्तीय वर्ष में अब तक करीब 3 हजार करोड़ रूपए का भुगतान किया गया है. शेष भुगतान भी बजट उपलब्धता के अनुरूप प्राथमिकता के साथ किया जा रहा है.
नेता प्रतिपक्ष ने उठाए थे सवाल
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने आरोप लगाए थे कि प्रदेश में दवाएं बंद हो रही हैं और इलाज ठप होता जा रहा है. सरकार केवल दावों और घोषणाओं तक सीमित है. दवा दुकानों ने बकाया भुगतान नहीं मिलने के चलते कैशलेस दवा सुविधा बंद कर दी है. उन्होंने आरोप लगाया था, "पिछले वर्ष ही निजी अस्पतालों ने सरकार को चेतावनी दी थी कि भुगतान नहीं मिलने पर सेवाएं रोकनी पड़ेंगी."
अब इस मामले में स्टेट हैल्थ इश्योरेंस एजेंसी की ओर से बयान जारी किया गया है. एजेंसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हरजीलाल अटल के मुताबिक, राज्य सरकार का उद्देश्य है कि यह योजना बिना किसी अनियमितता के साथ रोगियों के हित में सुचारू रूप से संचालित हो.
योजना में कई सुधार किए गए- एजेंसी
एजेंसी की ओर से कहा गया, "इसी लक्ष्य के साथ योजना में कई सुधार किए गए हैं, जिससे रोगियों को सुगमता से लाभ मिल रहा है. उन्होंने बताया कि योजना के तहत अस्पताल, फार्मेसी और अन्य सभी हितधारकों का पूरा ध्यान रखा जा रहा है, ताकि उपचार सेवाओं में किसी प्रकार की बाधा नहीं आए."
अधिकारी ने बताया कि बुधवार (25 मार्च) आईपीडी और डे-केयर में करीब 2 हजार रोगियों और ओपीडी में करीब 19 हजार रोगियों ने स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त कीं. इसी प्रकार आरजीएचएस योजना में सूचीबद्ध फार्मेसी स्टोर से करीब 19 हजार रोगियों ने दवाएं लीं. कुल करीब 39 हजार टीआईडी योजना के तहत बुधवार को जनरेट की गईं.
फार्मेसी और हॉस्पिटल को भुगतान की प्रक्रिया जरी
मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने कहा कि प्रदेश के अस्पतालों एवं फार्मेसी स्टोर को भुगतान की प्रक्रिया नियमित रूप से जारी है. शेष भुगतान भी चरणबद्ध रूप से शीघ्र किए जाने की कार्यवाही की जा रही है. उन्होंने कहा कि आरजीएचएस में सूचीबद्ध सभी अस्पताल और फार्मेसी स्टोर रोगियों को बिना किसी बाधा के सेवाएं उपलब्ध करवाएं.
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