संत देवानंद महाराज को चाणक्य दाह आश्रम परिसर में रविवार को समाधि दे दी गई. इससे पहले आश्रम परिसर में शव यात्रा निकाली गई. सैंकड़ों शिष्य और संत समाज शामिल हुए. लोगों ने नम आंखों से अंतिम विदाई दी. शुक्रवार रात कोटा में संत देवानंद महाराज कि हत्या कर दी गई थी. आक्रोशित शिष्यों और संत समाज ने धरना दिया. पुलिस प्रशासन के आश्वासन पर धरना समाप्त हुआ. संत समाज ने हत्याकांड का जल्द खुलासा करने की मांग की है.
राजमना गांव के थे संत देवानंद
संत देवानंद महाराज चौथ का बरवाड़ा (सवाई माधोपुर) के राजमना गांव के निवासी थे. सवाई माधोपुर के ढूंढा गांव से शवयात्रा निकाली जाएगी और चाणक्य दह आश्रम में अंतिम संस्कार होगा. उनकी हत्या के बाद कोटा से सवाई माधोपुर तक गम का माहौल है. संत समाज, ग्रामीणों और विभिन्न संगठनों के लोगों में गुस्सा भी देखा जा रहा है. सवाल यह है कि आखिर महंत की हत्या किसने की और इसके पीछे वजह क्या थी?

संत देवानंद महाराज की आंतिम दर्शन के लिए शिष्यों की उमड़ी भीड़.
4-5 लोगों को पुलिस ने किया डिटेन
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या के पीछे संपत्ति विवाद है, ट्रस्ट से जुड़ा कोई मामला है या फिर कोई पुरानी रंजिश. परिजनों और स्थानीय लोगों ने भी कई संदेह जाहिर किए हैं. पुलिस ने बताया कि 4-5 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. घटनास्थल से लेकर आसपास के क्षेत्रों के तकनीकी और भौतिक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं.
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