राजस्थान के प्रसिद्ध कृष्ण धाम श्री सांवलिया सेठ मंदिर से आस्था और अटूट विश्वास की एक अनूठी तस्वीर सामने आई है. सांवलिया सेठ मंदिर में आने वाले चढ़ावे की अक्सर चर्चा होती रहती है. कभी को चांदी की किताब भेंटकर करता है तो कभी चांदी के पेट्रोल पंप. लेकिन इस बार श्री सांवलिया सेठ मंदिर में एक भक्त की अनोखी भेंट ने सबका ध्यान खींचा है. सांवलिया सेठ के इतिहास में पहली बार किसी भक्त ने चांदी का हार्ट यानी दिल और चांदी का ही नलकूप भेंट किया है. सांवलिया सेठ के दरबार में आए इस चढ़ावे की काफी चर्चा हो रही है. दरअसल, सांवलियाजी के स्थानीय निवासी बालमुकुंद तिवारी के परिवार ने चांदी का दिल और नलकूप भेंट किया है.
2 साल पहले आया था हार्ट अटैक
ठाकुर जी के चरणों में 197 ग्राम वजनी चांदी का हार्ट (दिल) और चांदी से बना एक नलकूप अर्पित किया है. मंदिर के इतिहास में यह पहली बार है, जब किसी भक्त ने भगवान को चांदी का दिल भेंट किया हो. सांवलिया सेठ मंदिर में चांदी का दिल भेंट करने के पीछे की भी एक कहानी है. यह अनोखा चढ़ावा एक जिंदगी बचाने की मन्नत से जुड़ा है. वाटिका संचालक बालमुकुंद तिवारी को 2 साल पहले अचानक दिल का दौरा पड़ा था. गंभीर हालत में परिवार वाले उन्हें पहले उदयपुर और फिर वहां से गुजरात के अहमदाबाद ले गए.
पूरे परिवार के साथ पहुंचा भक्त
डॉक्टरों ने बताया कि उनकी हार्ट की बाईपास सर्जरी करनी होगी. ऑपरेशन थियेटर के बाहर जिंदगी और मौत की इस जंग के बीच, परिवार के सदस्यों ने अपनी आंखें बंद कीं और सांवलिया सेठ से गुहार लगाई. उन्होंने मन्नत मांगी कि अगर बाईपास ऑपरेशन सफल रहा और उनके पिता सकुशल घर लौट आए, तो वे भगवान को चांदी का हार्ट चढ़ाएंगे. सांवलिया सेठ की कृपा से ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा और अब जब बालमुकुंद तिवारी स्वस्थ हैं, तो उनके पुत्रों व बेटी सहित पूरे परिवार ने अपनी मन्नत पूरी की. मन्नत पूरी होने की खुशी में पूरा परिवार और रिश्तेदार बैंड-बाजों के साथ, नाचते-गाते हुए शोभायात्रा के रूप में मंदिर पहुंचे.
सांवलिया सेठ मंदिर में चल रही चढ़ावे की गिनती
उधर श्री सांवलिया सेठ के खोले मासिक भण्डार में आए चढ़ावे की गिनती चल रही है. कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को खोले भण्डार से अब तक चार चरणों में 25 करोड़ से अधिक की दानराशि की गिनती हो चुकी हैं. बीते शुक्रवार को विशेष भोग आरती के बाद मन्दिर मण्डल के प्रशासनिक और मन्दिर मण्डल के अध्यक्ष व सदस्यों की मौजूदगी में श्री सांवलिया सेठ मंदिर का भण्डार खोला गया था. दानपेटी से नोटों को बोर में भरकर मन्दिर परिसर के सत्संग होल ले जाया गया और नोटों की गिनती शुरू की. नोटों की गिनती के लिए 180 से अधिक कार्मिक लगाएं गए हैं.
सुबह से शाम तक चली दानराशि की गिनती में पहले चरण में 11 करोड़ 30 लाख रुपए की गिनती हुई. दूसरे चरण में 5 करोड़ 77 लाख 50 हजार, तीसरे चरण में 6 करोड़ 46 लाख और चौथे चरण में एक करोड़ 62 लाख 60 हजार 100 रुपये की गिनती हो चुकी है. बाकी शेष दानराशि की गिनती 21 मई को होगी. चार चरणों में अब तक 25 करोड़ 16 लाख 10 हजार 100 रुपये के चढ़ावे की गिनती हुई हैं.
दानपेटी के अलावा भेंटकक्ष, कार्यालय, ऑनलाइन और मनी ऑर्डर से मिलने वाले चढ़ावे की गणना बाकी है. करीब 5 से 6 चरणों में दानराशि की गिनती पूरी होती हैं. इससे पहले बीते माह खोले भण्डार से एक ही माह में 28 करोड़ से बढ़कर रिकॉर्ड तोड़ करीब 42 करोड़ रुपए का चढ़ावा आया था जो अब तक का सबसे बड़ा एक माह में आने वाला चढ़ावा था. इसके अलावा सोना-चांदी और विदेशी मुद्राएं भी चढ़ावें में आई थी और दानराशि को गिनने में 7 दिन लगे थे तब जाकर दानराशि की गिनती पूरी हो सकी.
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