सवाई माधोपुर जिला अस्पताल में पहली बार हुई कैंसर सर्जरी, 30 ग्राम की गांठ निकालकर रचा इतिहास

राजस्थान में सवाई माधोपुर जिला अस्पताल ने पहली बार कैंसर की जटिल सर्जरी कर इतिहास रच दिया. आयुष्मान योजना के तहत निशुल्क हुए इस ऑपरेशन से एक बेटी को नया जीवन मिला और जिले में कैंसर इलाज की नई उम्मीद भी जगी है.

विज्ञापन
Read Time: 2 mins
सवाई माधोपुर जिला अस्पताल ने पहली बार कैंसर की जटिल सर्जरी कर इतिहास रच दिया

Rajasthan News: राजस्थान के सवाई माधोपुर राजकीय जिला अस्पताल ने चिकित्सा क्षेत्र में ऐतिहासिक सफलता हासिल की है. यहां पहली बार कैंसर रोगी की सफल सर्जरी की गई. यह उपलब्धि इसलिए खास है क्योंकि अब जिले के मरीजों को बड़े शहरों के अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा. स्थानीय स्तर पर ही जटिल इलाज संभव होने से लोगों का भरोसा सरकारी अस्पतालों पर और मजबूत हुआ है.

पांच साल से थी परेशानी

पीएमओ डॉ. तेजराम मीणा ने बताया कि बहरावंडा खुर्द गांव निवासी मोहनलाल की 19 वर्षीय बेटी मोनिका पिछले पांच साल से गर्दन की गांठ से परेशान थी. पिछले छह महीनों में इस गांठ का असर उसके चेहरे पर भी दिखने लगा था. हालत बिगड़ने पर परिवार उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचा जहां जांच शुरू हुई.

30 ग्राम की कैंसरयुक्त गांठ निकाली

जांच में ईएनटी और कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. मनीष शर्मा ने इसे परोटिड ग्रंथि का कैंसरयुक्त ट्यूमर बताया. तुरंत सर्जरी जरूरी मानी गई. शुक्रवार को डॉ. मनीष शर्मा और डॉ. महिमा की टीम ने जटिल ऑपरेशन कर मोनिका के शरीर से लगभग 30 ग्राम वजनी गांठ सफलतापूर्वक निकाल दी. विभागाध्यक्ष डॉ. मुनिराम और डॉ. समता मीणा ने भी उपचार में अहम भूमिका निभाई.

अब मरीज खतरे से बाहर

डॉक्टरों के अनुसार समय पर सर्जरी नहीं होती तो चेहरे की त्वचा खराब होने लगती और जटिलता बढ़ जाती. लेकिन सफल ऑपरेशन के बाद मोनिका की हालत स्थिर है और वह खतरे से बाहर है. आधुनिक उपकरण और डॉक्टरों की टीमवर्क से यह सफलता संभव हुई.

Advertisement

आयुष्मान योजना बना सहारा

पूरा इलाज मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत निशुल्क हुआ. परिजनों ने कहा कि उन्हें भरोसा नहीं था कि जिला अस्पताल में इतनी बड़ी सर्जरी हो सकेगी. इस इलाज से उन्हें बड़े शहरों के खर्च और परेशानी से राहत मिली.

भविष्य के लिए नई उम्मीद

डॉ. मनीष शर्मा ने बताया कि आगे भी कैंसर की जटिल सर्जरी जिला अस्पताल में की जाएंगी. यह सफलता साबित करती है कि सरकारी अस्पतालों में भी उच्च स्तरीय इलाज संभव है.

Advertisement

यह भी पढ़ें- Rajasthan: बाड़मेर में देवी-देवता दर्शन से लौटते परिवार की बोलेरो कैंपर पलटी, करीब दो दर्जन लोग घायल