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"मुझे टिकट मिला तो राजेंद्र गुर्जर फोन बंद करके बैठ गए", विजय बैंसला का छलका दर्द, बीजेपी MLA पर साधा निशाना

'बगड़ावत संगम महोत्सव' में हार्दिक पटेल के अलावा गुर्जर समाज से जुड़े कई वरिष्ठ पदाधिकारी भी थे. इसी दौरान भाषण देते हुए बैंसला ने कहा कि देवली-उनियारा से बीजेपी विधायक राजेंद्र गुर्जर पर निशाना साधा. 

"मुझे टिकट मिला तो राजेंद्र गुर्जर फोन बंद करके बैठ गए", विजय बैंसला का छलका दर्द, बीजेपी MLA पर साधा निशाना
'बगड़ावत संगम महोत्सव' के दौरान मंच पर जुटे संगठन के पदाधिकारी.

Vijay Bainsla Speech in sawai mdhopur: सवाई माधोपुर के राठौद गांव में आयोजित 'बगड़ावत संगम महोत्सव' का एक वीडियो काफी चर्चा में हैं. गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष और बीजेपी नेता विजय बैंसला अपनी ही पार्टी के विधायक को आड़े हाथ लेते दिखे. सामाजिक एकता के लिए सजे इस मंच से बयान निकला, उसके सियासी मायने निकाले जा रहे हैं. कार्यक्रम में हार्दिक पटेल के अलावा गुर्जर समाज से जुड़े कई वरिष्ठ पदाधिकारी भी थे. इसी दौरान भाषण देते हुए बैंसला ने कहा कि देवली-उनियारा से बीजेपी विधायक राजेंद्र गुर्जर पर निशाना साधा. 

बैंसला बोले- "मैं क्या करूं..."

उन्होंने कहा, "मुझे जब टिकट मिला तो राजेंद्र गुर्जर अपना फोन बंद करके बैठ गए. वो राजेंद्र गुर्जर, जिन्हें कर्नल साहब ने हाथ पकड़कर टिकट दिलवाया था, वो तो अपना फोन बंद कर बैठ गए. हम मैं क्या करूं भाई. वो भी संघर्ष समिति के थे."

क्या है इस बयान के मायने?

इस भाषण ने गुर्जर आरक्षण आंदोलन और उससे निकले नेताओं को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है. आंदोलन को राज्य की राजनीति में गुर्जर समाज के प्रभाव के लिहाज से अहम माना जाता है. लेकिन जब खुद बैंसला ने राजेंद्र गुर्जर पर तंज कसा तो बीजेपी और गुर्जर समाज के भीतर एक नई चर्चा छेड़ दी है. इस वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए अलग-अलग राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं. बयान इसलिए भी खास है क्योंकि देवली-उनियारा से साल 2023 में विजय बैंसला चुनाव लड़े और उनकी हार हुई थी. इसके बाद उपचुनाव में टिकट के दावेदार थे, लेकिन बीजेपी ने राजेंद्र गुर्जर को मैदान में उतारा. इसी वजह से बैंसला का बयान खास है, क्योंकि साल 2023 के चुनाव में कुछ नेताओं के खिलाफ पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप भी लगे थे.

गुर्जर, पटेल और मराठा एक ही धारा से जुड़े- हार्दिक पटेल   

हार्दिक पटेल ने कहा कि उन्होंने गुर्जर समाज की गौरवशाली विरासत, इतिहास और संस्कृति को नजदीक से देखा. 24 बगड़ावत भाइयों की लोकगाथाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन विलुप्त होती बगड़ावत गाथा को पुनर्जीवित करेंगे और सामाजिक एकता को मजबूत करेंगे. लोग उनसे पूछते हैं कि क्या पटेल और गुर्जर एक हैं. उनका जवाब हमेशा एक ही रहता है कि पटेल, पाटीदार, कुनबी, कुर्मी, मराठा, गुर्जर और कापू मूल रूप से एक ही सामाजिक धारा से जुड़े हैं.

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