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This Article is From Feb 15, 2026

तहसीलदार को व‍िधायक से बहस करना पड़ा महंगा, एक्‍शन मोड में व‍िधानसभा अध्‍यक्ष

राजस्‍थान व‍िधानसभा के अध्‍यक्ष वासुदेव देवनानी ने कांग्रेस व‍िधायक का नोट‍िस मंजूर कर ल‍िया है. अब तहसीलदार पर विशेषाधिकार हनन की तैयारी है. 

तहसीलदार को व‍िधायक से बहस करना पड़ा महंगा, एक्‍शन मोड में व‍िधानसभा अध्‍यक्ष
दौसा तहसीलदार और कांग्रेस विधायक डीसी बैरवा में बहस हो गई थी.

दौसा के तहसीलदार और विधायक के बीच हुई बहस मामले में विधानसभा स्पीकर ने कांग्रेस के दिए गए विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव के नोटिस को मंजूर कर लिया है. अब इस मामले की जांच विशेषाधिकार समिति को सौंपी जा सकती है. जानकारी के मुताबिक, 2 फरवरी को दौसा तहसीलदार गजानंद मीणा और कांग्रेस विधायक दीनदयाल बैरवा के बीच बहस हुई थी. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि तहसीलदार का व्यवहार जनप्रतिनिधि की गरिमा के खिलाफ था.  इसके बाद विधानसभा में विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया गया.

कार्रवाई का दिया आश्वासन  

स्पीकर ने उचित कार्रवाई का आश्वासन देते हुए नोटिस स्वीकार कर लिया है. अब यह मामला विधानसभा की विशेषाधिकार समिति के पास भेजा जा सकता है. समिति दोनों पक्षों को तलब कर पूछताछ कर सकती है, और अपनी रिपोर्ट स्पीकर को सौंपेगी. रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी. 

दोषी मिलने पर तहसीलदार पर होगी कार्रवाई

यदि तहसीलदार जांच में दोषी पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ निलंबन से लेकर विभागीय कार्रवाई तक की सिफारिश की जा सकती है. विधानसभा के जानकारों का कहना है कि विशेषाधिकार हनन के मामलों में सदन की गरिमा सर्वोपरि मानी जाती है, और पूर्व में भी ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की गई है. 

विशेषाधिकार समिति में 11 विधायक शामिल हैं. समिति में भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के सदस्य हैं. समिति की सिफारिश के बाद अंतिम निर्णय स्पीकर लेते हैं. 

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