SDM Kajal Meena Bribery Case: राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) की अधिकारी काजल मीणा के लिए उनकी पहली पोस्टिंग ही उनके करियर का अंत साबित होती दिख रही है. SDM मीणा को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने 16 अप्रैल 2026 को ₹60,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया था. जिसके बाद अब उनपर विभागीय कार्रवाई भी बिठाई गई है. साथ ही उन्हें 15 दिन की न्यायिक हिरासत पर भेजा गया है,जिसके बाद नादौती SDM को लेकर प्रशासन में हड़कंप मचा है क्योंकि मामले ने अब और गंभीर रूप ले लिया.
60 हजार रुपये की रिश्वत पड़ी भारी
दरअसल, महज 7-8 महीने पहले सेवा में आईं एसडीएम काजल मीणा को 60 हजार रुपये की रिश्वत के मामले में उनके रीडर और यूडीसी के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है. कार्रवाई के दौरान 4 लाख रुपये की संदिग्ध नकदी भी बरामद हुई है.
जमीन के फैसले के बदले मांगी 60000 की रिश्वत
परिवादी चरतलाल ने एसीबी को शिकायत दी थी कि उसकी जमीन के बंटवारे (तकासमा) की फाइनल डिक्री जारी करने के एवज में नादौती SDM के जरिए रिश्वत मांगी जा रही है. एसडीएम काजल मीणा के निर्देश पर उनके रीडर दिनेश सैनी ने 50 हजार रुपये एसडीएम और 10 हजार रुपये खुद के लिए मांगे थे.
सत्यापन के बाद रची गई ट्रैप कार्रवाई
16 अप्रैल को एसीबी सवाई माधोपुर की टीम ने शिकायत का गोपनीय सत्यापन कियाऔर पाया कि परिवादी की शिकायत सही है. इसके बाद टीम ने सभी को पकड़ने के लिए ट्रैप बिछाया. इसके तहत जब परिवादी ने रिश्वत की रकम रीडर दिनेश को दी, तो दिनेश ने तुरंत यूडीसी प्रवीण धाकड़ को पैसा सौंप दिया. इस दौरान एक'व्हाट्सएप कॉल' इस केस का सबसे बड़ा सबूत बन गया. रीडर ने मोबाइल पर एसडीएम काजल मीणा से बात कर रिश्वत मिलने की पुष्टि की और उनकी सहमति मिलते ही एसीबी ने तीनों को दबोच लिया.
बैग से निकली 4 लाख की संदिग्ध राशि
कार्रवाई के दौरान यूडूीसी प्रवीण के बैग से रिश्वत के 60 हजार रुपये के अलावा 4 लाख रुपये की अतिरिक्त राशि भी बरामद की गई थी. पूछताछ में आरोपियों ने रकम को फसल बिक्री से मिला पैसा बताया था , लेकिन मौके पर ठोस सबूत नहीं मिलने पर एसीबी ने इसे संदिग्ध मानते हुए जब्त कर लिया.
निलंबित SDM काजल मीणा 15 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजी गईं
तीनों आरोपियों को एसीबी कोर्ट भरतपुर में पेश किया गया, जहां से उन्हें 15 दिन न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है. इसके साथ ही SDM काजल मीणा को राजस्थान सरकार के जरिए निलंबित भी कर दिया गया है. फिलहाल एसीबी सवाई माधोपुर टीम मामले की गहन जांच में जुटी है.
SDM की अवैध खनन में संलिप्तता
वहीं स्थानीय लोगों के अनुसार नादौती क्षेत्र में सरकारी जमीन पर अवैध खनन लंबे समय से जारी है इस मामले में भी अधिकारियों की मिली भगत की सूचना सामने आई है बताया जा रहा है कि क्षेत्र में अवैध खनन बहुत चरम पर है जिसमें इस अधिकारियों का शामिल होना बताया है.
कार्रवाई में ये रहे शामिल
एसडीएम काजल मीणा की ट्रैपिंग में ज्ञान सिंह चौधरी, ASP, एसीबी सवाई माधोपुर, मनोज कुमार, हैड कांस्टेबल कार्यवाहक, हमीर सिंह, भोलाराम, राजवीर, मनोज कुमार चालक, 2 स्वतंत्र गवाह अलग अलग विभाग के शामिल रहे.
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