Rajasthan News: राजस्थान में शिक्षक भर्ती परीक्षा के दौरान खेल कोटे के नाम पर हुए बड़े फर्जीवाड़े में एसओजी (SOG) ने एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है. फर्जी ताईक्वाण्डो खेल प्रमाण-पत्र मामले में एसओजी ने टोगोबार खेल संघ के पूर्व सचिव बुद्धाराम टांक को गिरफ्तार किया है. इस कार्रवाई को एसओजी के एडीजी विशाल बंसल के विशेष निर्देशों पर अंजाम दिया गया है.
क्या है पूरा मामला?
मामले की जड़ वर्ष 2022 में हुई तृतीय श्रेणी अध्यापक भर्ती परीक्षा है. इसमें खेल कोटे के अंतर्गत 2 प्रतिशत पदों पर चयन होना था. जांच के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि ताईक्वाण्डो खेल के आधार पर चयनित 38 अभ्यर्थियों ने फर्जी प्रमाण-पत्रों का इस्तेमाल किया था. इतना ही नहीं, इन फर्जी दस्तावेजों को सही साबित करने के लिए ताईक्वाण्डो फेडरेशन ऑफ इंडिया, धनबाद के नाम से मिलती-जुलती फर्जी ईमेल आईडी का उपयोग कर प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय को गुमराह किया गया.
ऐसे पकड़े गए दलाल और सचिव
एसओजी की जांच में पहले बिमलेन्दू कुमार झा और उसके सहयोगी कमल सिंह की गिरफ्तारी हुई थी, जो फर्जी ईमेल और सत्यापन रिपोर्ट भेजने में माहिर थे. इसके बाद, जांच की आंच 38 अभ्यर्थियों और उनके सहयोगियों तक पहुंची. पूर्व में गिरफ्तार एक महिला अभ्यर्थी कविता ने पूछताछ में खुलासा किया कि उसने शिक्षक बनने की लालसा में बुद्धाराम टांक को डेढ़ लाख रुपये देकर 2016-17 का बैकडेटेड राष्ट्रीय खेल प्रमाण-पत्र खरीदा था.
आगरा से हरियाणा तक जुड़े तार
एसओजी की पूछताछ में बुद्धाराम टांक ने बताया कि वह 2020 से 2023 तक जोधपुर में टोगोबार खेल संघ का सचिव रहा. जांच में पता चला कि रोहतक (हरियाणा) के सतीश डूल और हिसार के विवेक के साथ मिलकर बुद्धाराम ने यह पूरा नेटवर्क चलाया था. यह गिरोह प्रत्येक प्रमाण-पत्र के लिए 2 लाख रुपये वसूलता था.
सतीश डूल फर्जी सर्टिफिकेट तैयार कर बस के जरिए जोधपुर भेजता था, जिसे बुद्धाराम अभ्यर्थियों तक पहुंचता था. इस संगठित गिरोह ने न केवल योग्य उम्मीदवारों का हक मारा बल्कि सरकारी तंत्र को भी फर्जीवाड़े से छलने की कोशिश की. वर्तमान में एसओजी इस पूरे नेक्सस को ध्वस्त करने के लिए गहन पूछताछ कर रही है ताकि इस खेल में शामिल अन्य बड़े चेहरों को भी बेनकाब किया जा सके.
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