टोंक-देवली में DST का बड़ा एक्शन, अवैध हथियार फैक्ट्री का भंडाफोड़; 53 किलो बारूद जब्त

राजस्थान में टोंक और देवली में एक साथ हुई DST की बड़ी कार्रवाई ने जिले की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. भारी मात्रा में बारूद पोटाश और हथियारों की बरामदगी के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मचा हुआ है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
टोंक में बारूद

Rajasthan News: राजस्थान के संवेदनशील जिलों में शामिल टोंक में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है. टोंक पुलिस की स्पेशल टीम DST ने टोंक शहर और देवली में एक साथ तीन ठिकानों पर छापेमारी कर अवैध हथियार बनाने के कारखाने का खुलासा किया है. इस दौरान पुलिस ने 53 किलो से अधिक बारूद और 32 किलो पोटाश के साथ हथियार बनाने के औजार और पुर्जे जब्त किए हैं.

तीन आरोपी गिरफ्तार

कार्रवाई में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है. टोंक DSP मृतुंजय मिश्रा के अनुसार पकड़े गए आरोपी लंबे समय से अवैध हथियार और बारूद की सप्लाई में लगे हुए थे. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी शिकारियों और खेतों की रखवाली करने वालों को उनकी मांग के अनुसार हथियार और बारूद उपलब्ध कराते थे. हालांकि पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है.

शहर के बीचों बीच मिला खतरनाक असला

टोंक शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में की गई छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री और हथियार बरामद किए गए. इसमें गन पाउडर बारूद पोटाश शोरा सफेद गन पाउडर लोहे के छर्रे कोरडेक्स वायर एयर गन पी कैप्स और गनचाप शामिल हैं. मौके से मोहम्मद अतीक उम्र 65 वर्ष को गिरफ्तार किया गया.

देवली में हथियारों का जखीरा

देवली थाना क्षेत्र में की गई कार्रवाई में बंदूक के ट्रिगर प्लेट मक्खी टोपी कबानी एक नाली और दोनाली बंदूकें छह तलवारें और 21 किलो से अधिक बारूद बरामद किया गया. यहां से आरोपी राजू लोहार उम्र 57 वर्ष को गिरफ्तार किया गया. साथ ही तीन लाख तीन हजार 50 रुपए नकद भी जब्त किए गए.

Advertisement

बड़ी साजिश की आशंका

गौरतलब है कि इससे पहले 31 दिसंबर को टोंक में 150 किलो अमोनियम नाइट्रेट भी बरामद किया जा चुका है. लगातार हो रही इन बरामदगियों ने जिले में किसी बड़ी साजिश की आशंका को जन्म दिया है. सबसे बड़ा सवाल यही है कि इतनी आसानी से विस्फोटक सामग्री और हथियार आखिर कहां से आ रहे हैं और कब से यह नेटवर्क सक्रिय है.

जांच जारी

DST प्रभारी ओमप्रकाश चौधरी ने बताया कि आरोपी जानवरों के शिकार की बात कह रहे हैं लेकिन अपराध में इनके इस्तेमाल की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. पुलिस अब सप्लाई चेन और खरीददारों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है.

Advertisement

यह भी पढ़ें- विवाह से पहले पत्नी को छात्रवृत्ति मिली, प्रशासन ने पति को स्कीम से किया बाहर, हाईकोर्ट ने पलटा फैसला