राजस्थान के थार रेगिस्तान से शुरू होगा त्रिशक्ति अभियान, 17 अक्टूबर से होगा आगाज

भारतीय सेना के सुदर्शन चक्र कोर के तत्वावधान में त्रिशक्ति बहुआयामी एडवेंचर का आगाज 17 अक्टूबर को होगा. इसे जैसलमेर के वायु सेना स्टेशन ( AIR FORCE STATION) से हरी झंडी दिखाई जाएगी. अभियान के दौरान जवान मोटरसाइकिल, 4x4 जीप रैली, कैमल सफारी, माइक्रोलाइट फ्लाइंग, इंद्रा गांधी नहर में राफ्टिंग और साइकिलिंग भी करेंगे.

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17 अक्टूंबर से शुरू होगा त्रिशक्ति बहुआयामी साहसिकता अभियान

देश के तीनों सशस्त्र बलों थल, नभ व नौ सेना के सयुंक्त रूप से साहसिकता की भावना को आमजन तक पहुंचाने के लिए मंगलवार 17 अक्टूंबर को त्रिशक्ति बहुआयामी साहसिकता अभियान (TRI-SERVICES MULTIDIMENSIONAL EXPEDITION) का आगाज सरहदी जिले जैसलमेर से किया जाएगा.

पश्चिमी राजस्थान व गुजरात की सीमा से लगते कुछ क्षेत्रों में 8 दिवसीय अद्वितीय अभियान के रूप में 'त्रिशक्ति' का आयोजन 17 से 24 अक्टूंबर तक होगा. इस अभियान तीनों सेनाओं की महिला अधिकारियों,अग्निवीरों सहित सेना, नौसेना और वायु सेना में तैनात देश के लाल हिस्सा लेंगे.

भारतीय सेना के सुदर्शन चक्र कोर के तत्वावधान में त्रिशक्ति बहुआयामी एडवेंचर का आगाज 17 अक्टूबर को होगा. इसे जैसलमेर के वायु सेना स्टेशन ( AIR FORCE STATION) से हरी झंडी दिखाई जाएगी. अभियान के दौरान जवान मोटरसाइकिल, 4x4 जीप रैली, कैमल सफारी, माइक्रोलाइट फ्लाइंग, इंदिरा गांधी नहर में राफ्टिंग और साइकिलिंग भी करेंगे. वहीं,अभियान के दौरान प्रतिभागी जैसलमेर से कच्छ के रण के उत्तरी किनारे तक यात्रा करने के बाद फिर बाड़मेर, मुनाबाव, लोंगेवाला, तनोट, रामगढ़, किशनगढ़ और भारेवाला क्षेत्रों से गुजरेंगे.

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इस अभियान में भाग ले रहे जवानों की शारीरिक और मानसिक शक्ति के साथ- साथ सहनशक्ति का भी परीक्षण किया जाएगा.वही साहस, सौहार्द और संयुक्त कौशल की भावना को बढ़ावा मिलेगा.

त्रिशक्ति अभियान का आयोजन केवल रोमांच के लिए नही किया जा रहा है, बल्कि यह अभियान सशस्त्र बलों के राष्ट्र निर्माण में तीनो सेनाओ के प्रयासों को भी उजागर करते हुए युवाओं की भागेदारी को बढ़ाएगा. इस अभियान में देश के जवान जिन जिन इलाकों से गुजरेंगे,उन जगहों पर स्थानीय वाशिंदो से बातचीत करेंगे.वही वृक्षारोपण करके पर्यावरण जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न गतिविधियां भी की जाएगी.

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महिला सशक्तीकरण ( WOMEN EMPOWERMENT)पर ग्रामीणों से चर्चा करते हुए उन्हे इसकी आवश्यकता के बारे में बताएंगे.वही हरित ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देंगे.वही युवाओ के जुड़ाव के व उनकी सहभागिता को बढ़ाने के लिए कार्यक्रम करेंगे.युद्ध नायकों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे व युद्ध के दिग्गजों और वीरता पुरस्कार विजेताओं के मिलेंगे.

अभियान दल द्वारा रास्ते में पड़ने वाले गांव- ढाणी  में चिकित्सा शिविर भी आयोजित किए जाएंगे.वही सीमावर्ती क्षेत्र के एक जरूरत गांव को ताजे पानी का बोरवेल भी इस अभियान के तहत दिया जाएगा.यह अभियान 24 अक्टूबर को दशहरा के शुभ दिन जैसलमेर के वॉर मेमोरियल में सम्पन्न होगा.

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