
Weather Today in Rajasthan: राजस्थान के मौसम में तेजी से हो रहे बदलाव के कारण तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जा रही है, और लोगों को ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा लेना पड़ रहा है. मौसम विभाग की मानें तो 23-24 दिसंबर को नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिसके बाद प्रदेश में ठंड और बढ़ जाएगी, और लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा.
जानें कहां कितनी सर्दी?
मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार मंगलवार को सबसे कम माउंट आबू में -1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है. उसके बाद सीकर में तापमान 0.7 डिग्री दर्ज हुआ है. वहीं भिवाड़ी, धौलपुर, पाली, उदयपुर, फतेहपुर, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा और बारां में न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियय दर्ज किया गया है. जबकि अजमेर, भरतरपुर, बूंदी, चूरू और दौसा में न्यूनतम तापमान 9 डिग्री रहा है. ऐसे ही जयपुर, बीकानेर और ब्यावर में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री दर्ज किया गया है. वहीं बाड़मेर, कोटा और जोधपुर में मंगलवार को न्यूनतम तापमान 11 डिग्री दर्ज हुआ है. बांसवाड़ा और अलवर में न्यूनतम तापमान 13 और 14 डिग्री के बीच बना हुआ है.
कोविड-19 का अलर्ट
राजधानी जयपुर समेत अन्य शहरों में मौसम फिलहाल खुशनुमा बना हुआ है. सुबह हल्की सर्दी के बीच सूरज निकलता है और शाम होते होते तापमान में हल्की गिरावट आती है लेकिन ठंड का इतना प्रभाव दिखाई नहीं दे रहा है. लेकिन मौसम विभाग ने लोगों को सर्दी से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनकर रखने की सलाह दी है. वहीं केंद्र ने सोमवार को राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से देश में कोविड-19 के मामलों में वृद्धि और जेएन.1 स्वरूप का पहला मामला सामने आने के बीच निरंतर निगरानी बनाए रखने और सतर्क रहने के लिए कहा है.
जांच संख्या बढ़ाने के निर्दश
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव सुधांश पंत ने राज्यों से आग्रह करते हुए कहा कि वे केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा कोविड-19 के लिए साझा की गई संशोधित निगरानी रणनीति को लेकर विस्तृत दिशानिर्देशों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करें. राज्यों को यह भी सलाह दी गई है कि वे सभी जिलों में कोविड-19 जांच दिशानिर्देशों के अनुसार पर्याप्त परीक्षण सुनिश्चित करें और आरटी-पीसीआर और एंटीजन जांच की अनुशंसित हिस्सेदारी बनाए रखें. पंत ने आरटी-पीसीआर जांच की संख्या बढ़ाने और भारतीय सार्स सीओवी-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम (इनसाकॉग) प्रयोगशालाओं में जीनोम अनुक्रमण के लिए संक्रमित पाए गए नमूने भेजने की आवश्यकता पर भी जोर दिया, ताकि देश में नए स्वरूप का समय पर पता लगाया जा सके.