Rajasthan News: बीकानेर के छतरगढ़ थाना क्षेत्र के RD-605 सत्तासर के पास उस समय हड़कंप मच गया, जब ग्रामीणों को इंदिरा गांधी मुख्य नहर (IGNP) के किनारे एक महिला के कपड़े, चप्पल और कुछ जेवरात लावारिस हालत में मिले. पास ही एक सुसाइड नोट भी पड़ा था, जिसमें महिला ने अपनी दर्दनाक कहानी बयां की है. सूचना मिलने पर छतरगढ़ पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और सुसाइड नोट के आधार पर महिला की पहचान नाल बड़ी निवासी मैना के रूप में की. आशंका जताई जा रही है कि महिला ने अपनी दो मासूम बच्चियों के साथ नहर में छलांग लगा दी है.
'दहेज के लिए रोज होती थी मारपीट'
महिला द्वारा छोड़े गए सुसाइड नोट में घरेलू हिंसा की रोंगटे खड़े कर देने वाली सच्चाई सामने आई है. मैना ने लिखा है कि उसका पति हीरालाल और सास भंवरी देवी पिछले 1 साल से उसे दहेज के लिए बुरी तरह प्रताड़ित कर रहे थे. नोट के अनुसार, उसके साथ अक्सर इतनी मारपीट की जाती थी कि वह बेहोश हो जाती थी. उसे उसके पीहर भी नहीं जाने दिया जाता था. महिला ने आरोप लगाया कि उसके पिता सुखाराम ने भी उसकी मदद करने के बजाय ससुराल वालों का ही साथ दिया, जिसके बाद वह पूरी तरह टूट गई थी.
'मेरी बच्चियों का वारिस कौन बनेगा?'
सुसाइड नोट का सबसे भावुक हिस्सा वह है जहां महिला ने अपनी बच्चियों के बारे में लिखा है. मैना ने लिखा, 'मैं अपनी बच्चियों को भी साथ ले जा रही हूं क्योंकि मेरी सास शराब की आदी है और मेरे जाने के बाद मेरी बेटियों का वारिस कौन बनेगा?' महिला ने पुलिस से अपील की है कि उसकी मौत के लिए पति हीरालाल और सास भंवरी देवी को जिम्मेदार ठहराया जाए. उसने लिखा कि वह इस जिंदगी से इतनी परेशान हो चुकी थी कि उसे मौत ही एकमात्र रास्ता नजर आया.
नहर में रेस्क्यू ऑपरेशन की तैयारी
घटना की सूचना मिलते ही छतरगढ़ पुलिस ने मृतका के परिजनों को सूचित कर दिया है. पुलिस अब गोताखोरों की मदद से नहर में महिला और बच्चियों की तलाश करने की तैयारी कर रही है. हालांकि, पुलिस का कहना है कि परिजनों के आने और विस्तृत जांच के बाद ही पूरी स्थिति साफ हो पाएगी. फिलहाल, घटनास्थल पर मिले साक्ष्यों और सुसाइड नोट ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है. पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है.
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