बांदीकुई से जुड़े रेल मार्ग पर मंगलवार को हिसार पैसेंजर ट्रेन में एक विवाद ने बड़ा रूप ले लिया. एक युवती ने सहयात्री पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया. युवती का कहना है कि जब उसने विरोध किया तो आरोपी ने अपने साथियों को बुला लिया. इसके बाद ट्रेन में मारपीट, पथराव और चेन पुलिंग की घटना हुई. इस पूरे घटनाक्रम में महिला सहित 4 रेल यात्री घायल हो गए. घटना के बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाने में हुई देरी ने जीआरपी पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए.
गांधीनगर स्टेशन से विवाद शुरू
बांदीकुई निवासी पीड़िता ने शिकायत में बताया कि वह जयपुर के एक निजी अस्पताल में कार्यरत हैं, और रोजाना ट्रेन से जयपुर आना-जाना करती हैं. 28 जुलाई को वह गांधीनगर रेलवे स्टेशन से हिसार पैसेंजर ट्रेन में बांदीकुई लौट रही थीं. आरोप है कि उसी डिब्बे में सफर कर रहा रोशन लाला मीना नाम का युवक गांधीनगर स्टेशन से ही उसे परेशान कर रहा था. भीड़ का फायदा उठाकर उसने कई बार छेड़छाड़ की.
सहयात्रियों ने किया विरोध
युवती ने जब आरोपी को रोका तो उसने गाली-गलौच शुरू कर दी. इसके बाद युवती ने अपने नियमित सहयात्रियों कृष्ण अवतार शर्मा, विजेंद्र सैनी और राकेश गुर्जर को पूरी बात बताई. तीनों ने आरोपी को समझाने का प्रयास किया, लेकिन आरोप है कि उसने मोबाइल से अपने साथियों को बुला लिया.
चेन पुलिंग कर रोकी ट्रेन
शिकायत के अनुसार, झर और बांसखो स्टेशन के बीच 10 से 15 लोग ट्रेन के पास पहुंच गए. आरोप है कि उन्होंने चेन पुलिंग कर ट्रेन रुकवाई और ट्रेन पर पथराव किया. इस दौरान कृष्ण अवतार शर्मा के सिर और आंख पर पत्थर लगने से गंभीर चोट आई. विजेंद्र सैनी की आंख पर भी चोट लगी जबकि राकेश गुर्जर के साथ मारपीट कर उनके कपड़े फाड़ दिए गए. युवती ने आरोप लगाया कि बीच-बचाव करने पर उसके साथ भी मारपीट की गई, और उसका पर्स छीन लिया गया. पर्स में रेलवे एमएसटी और ₹142 नकद रखे थे.
आरोपी की फोटो होने का दावा, जांच की मांग
पीड़िता ने दावा किया है कि उसने आरोपी की फोटो और उसके रेलवे पहचान पत्र की तस्वीर अपने मोबाइल में सुरक्षित कर ली है. उसने पुलिस से महिला सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने, लोको पायलट के बयान दर्ज करने और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है. पुलिस ने घायलों का उप-जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण भी कराया.
जीआरपी पर सवाल
घटना के बाद घायल महिला और तीन अन्य यात्रियों को उनके परिजन मोटरसाइकिल से उप-जिला अस्पताल लेकर पहुंचे. आरोप है कि बांदीकुई जीआरपी की जीप स्टेशन पर मौजूद थी, लेकिन चालक उपलब्ध नहीं होने से उसका उपयोग नहीं हो सका. इस घटना के बाद यात्रियों ने रेल प्रशासन से पैसेंजर ट्रेनों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग उठाई है.
लोगों का कहना है कि रेलवे सुरक्षा बल की नियमित एस्कॉर्ट व्यवस्था शुरू की जाए, जिससे महिलाओं और अन्य यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके.
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