Daughter Last Rites
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कैंसर से हारे पिता की आखिरी ख्वाहिश के लिए श्मशान पहुंची बेटी
- Friday April 17, 2026
- Written by: बजरंग सिंह, Edited by: पुलकित मित्तल
समाज अक्सर ये दुहाई देता है कि वंश और अंतिम संस्कार का हक केवल बेटों को है, लेकिन राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले की बाल मंदिर कॉलोनी से आई एक खबर ने इस सोच को जड़ से हिला दिया है.
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बेटी ने मां की चिता को मुखाग्नि देकर निभाया बेटे का धर्म, 14 साल तक की मां की सेवा; माहौल हुआ भावुक
- Monday January 12, 2026
- Written by: नीरज कुमार शर्मा, Edited by: इकबाल खान
महिला रीता ने बताया मां कमला देवी का उससे अपार स्नेह और प्यार रहा था. मां की अंतिम ख्वाहिश यही रही थी की सबसे छोटी बेटी रीता द्वारा अंतिम संस्कार किया जाए.
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बेटों से कंधा से कंधा मिलाकर चलने वाली बेटियों ने दिया पिता की अर्थी को कंधा, राजस्थान में कायम किया मिसाल
- Sunday July 21, 2024
- Written by: जहीर अब्बास उस्मानी, Edited by: निशांत मिश्रा
डीडवाना में बेटियों ने अपने पिता का अंतिम संस्कार कर समाज एक मिशाल कायम की. जब मुखाग्नि देने का समय आया, तब भी बेटियों ने हिम्मत नहीं हारी और बेटी धनपति ने अपने पिता की चिता को मुखाग्नि दी.
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कैंसर से हारे पिता की आखिरी ख्वाहिश के लिए श्मशान पहुंची बेटी
- Friday April 17, 2026
- Written by: बजरंग सिंह, Edited by: पुलकित मित्तल
समाज अक्सर ये दुहाई देता है कि वंश और अंतिम संस्कार का हक केवल बेटों को है, लेकिन राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले की बाल मंदिर कॉलोनी से आई एक खबर ने इस सोच को जड़ से हिला दिया है.
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बेटी ने मां की चिता को मुखाग्नि देकर निभाया बेटे का धर्म, 14 साल तक की मां की सेवा; माहौल हुआ भावुक
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- Written by: नीरज कुमार शर्मा, Edited by: इकबाल खान
महिला रीता ने बताया मां कमला देवी का उससे अपार स्नेह और प्यार रहा था. मां की अंतिम ख्वाहिश यही रही थी की सबसे छोटी बेटी रीता द्वारा अंतिम संस्कार किया जाए.
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बेटों से कंधा से कंधा मिलाकर चलने वाली बेटियों ने दिया पिता की अर्थी को कंधा, राजस्थान में कायम किया मिसाल
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- Written by: जहीर अब्बास उस्मानी, Edited by: निशांत मिश्रा
डीडवाना में बेटियों ने अपने पिता का अंतिम संस्कार कर समाज एक मिशाल कायम की. जब मुखाग्नि देने का समय आया, तब भी बेटियों ने हिम्मत नहीं हारी और बेटी धनपति ने अपने पिता की चिता को मुखाग्नि दी.
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