विजय दशमी के अवसर पर RSS प्रमुख मोहन भागवत ने संत रविदास, स्वामी श्रद्धानन्द और स्वामी लक्ष्मणानन्द के बलिदान को याद किया. मोहन भागवत ने सामाजिक समरसता, स्वधर्म रक्षा और महापुरुषों के योगदान पर अपने विचार व्यक्त किए. महात्मा फुले और राजनारायण बसु के माध्यम से समाज में स्व-बोध और स्वदेशी चेतना जगाने पर जोर दिया गया.