चंबल का वो कुख्यात बीहड़ों का बादशाह के नाम से जाने जाना वाला डकैत जगन गुर्जर, जिसने राजस्थान, मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश- तीनों राज्यों में अपने आतंक का साम्राज्य इस कदर फैला के रखा था कि इनके सीमावर्ती इलाको में भी उसका नाम सुनते लोग कांपने लगते थे. उसने जीजा की मौत के बाद अपराध की दुनिया में कदम रखा था और फिर धीरे- धीरे इस तरह जुर्म की अंधेरी दुनिया में खोकर हैवानियत की ऐसी हदें पार की जिसे सुनकर भी रूह कांप जाती है.
आज (सोमवार) जब अजमेर जेल में उसकी हत्या की खबर सामने आई तो एक- एक कर उसका खौफनाक और काला इतिहास एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है. उसके खिलाफ तीन राज्यों के अलग-अलग थानों में हत्या, लूट और अपहरण सहित 120 से ज्यादा संगीन मामले दर्ज थे. जिसमें साल 2019 का ही एक ऐसा मामला जिसने उसकी बर्बर को एक अलग परिभाषा दे दी. जिसने यह साबित कर दिया था कि जुर्म जब सिर चढ़कर बोलता है, तो इंसान दया-धर्म सब कुछ भूल जाता है.
धौलपुर में दो महिलाओं सरेआम निर्वस्त्र कर था घुमाया
डकैत जगन गुर्जर ने साल 2019 में धौलपुर जिले के करनपुर-सायका पुरा गांव में जगन गुर्जर और उसकी गैंग ने इंसानियत को तार-तार कर दिया था. उसपर महिलाओं से मारपीट और दुर्व्यवहार करने के भी आरोप लगे थे, जिले में अपना खौफ कायम करने के लिए जगन पर दो स्थानीय महिलाओं के साथ बेरहमी से मारपीट करने और उनके साथ घोर दुर्व्यवहार करने का आरोप लगा था. जगन ने उन महिलाओं से मारपीट कर अपनी हैवानियत भरा चेहरा दिखाते हुए उन्हें सरेआम निर्वस्त्र कर पूरे गांव में घुमाया था. इतनी ही नहीं, इसी साल में उसपर एक पुलिसकर्मी की हत्या का भी आरोप लगा था.
डकैत जगन गुर्जर के खिलाफ 123 मामले दर्ज
लगभग 20 सालों से धौलपुर जिले के डांग और चंबल के बीहड़ों में अपराध की दुनिया में सक्रिय रहे खूंखार डकैत जगन गुर्जर के खिलाफ 123 संगीन धाराओं में मामले दर्ज हैं. डकैत गुर्जर के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण, रंगदारी, डकैती, लूट, पुलिस से मुठभेड़ जैसे संगीन आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं. डकैत जगन गुर्जर का छोटा भाई डकैत पप्पू गुर्जर मौजूदा वक्त में धौलपुर जिला कारागार में है.
चार भाई सभी अपराधी
डकैत जगन गुर्जर के चार भाई हैं. सभी अपराधिक मामले में जेल में बंद है. इनमें लाल सिंह गुर्जर सबसे बड़ा है, पान सिंह, गुर्जर और पप्पू गुर्जर छोटे भाई है. मौजूदा समय में पप्पू गुर्जर अजमेर जेल में बंद है. पानसिंह गुर्जर को आजीवन कारावास की सजा मिली हुई है. लेकिन वह पैरोल पर बाहर बताया जा रहा है. लाल सिंह गुर्जर के खिलाफ भी संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज है, इन सब भाइयों में जगन गुर्जर और पप्पू गुर्जर सबसे खूंखार डकैत रहे हैं.
एसपी ने की हत्या की पुष्टि
वही आज यानी सोमवार को एसपी हर्षवर्धन अग्रवाल ने डकैत जगन की अजमेर जेल में हत्या की पुष्टि की. उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि सोमवार सुबह 11 से दोपहर 3 बजे के बीच बैरक बंद होने के समय ड्यूटी स्टाफ राउंड पर आया था. उन्होंने जगन की बैरक में उसे जमीन पर पड़ा देखा तो बैरक खोल अंदर गए तो जमीन पर डकैत जगन मरा पड़ा था और उसका साथी अंदर था.