
बांदीकुई वासियों के लिए शिक्षा में 1 में से एक अच्छी खबर हैं. बांदीकुई शहर में केन्द्रीय विद्यालय के भवन निर्माण के लिए रेलवे की भूमि पर समतलीकरण का कार्य शुरू हो गया है. लगभग 10 एकड़ जमीन पर केन्द्रीय विद्यालय की बिल्डिंग का निर्माण के लिए समतलीकरण का काम शुरू हो गया है, विद्यालय निर्माण लगभग 28 करोड़ रूपये की लागत से पूरा होगा। जिसके लिए केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग की ओर से भूमि समतलीकरण का कार्य युद्ध स्तर पर जारी हैं.
ट्रैक्टरों और जेसीबी की मदद से केवी भवन निर्माण के लिए जमीन को समतल किया जा रहा है. केवी भवन के सर्वे और नक्शे पर करीब 20 लाख रूपये खर्च किये जायेंगे. भवन 2024 में बनकर तैयार होने की उम्मीद. इस भवन निर्माण के लिए डीआरएम की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया जाना है. सात सदस्यीय मोनेटरिंग कमेटी जो निर्माण कार्य को लेकर हर माह देखकर कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी.
इधर केन्द्रीय विद्यालय की भूमि पर हो रहे अतिक्रमण को लेकर भी जिला कलेक्टर कमर चौधरी को पत्र के माध्यम से अवगत करा दिया गया हैं.
बांदीपुर शहर का केन्द्रीय विद्यालय की इसलिए भी खास होगा क्यों की इसका भवन दो मंजिला बनेगा जो दो ब्लाॅक ए व बी में बटेगा होगा. इस केंद्रीय विद्यालय भवन 24 कक्ष बनाए जायेंगें। एक बडा़ हाॅल बनाया जायेगा जो मल्टीपरपज होगा.
प्रिंसीपल कक्ष, स्टाफ क्वार्टर, लैब, गार्ड रूम सहित आधुनिक सुविधाओं से युक्त विभिन्न कक्ष तैयार होगे. खास बात यह है कि केन्द्रीय विद्यालय में शिक्षा के साथ में खेल सहित अन्य सह गतिविधियों का विशेष ध्यान रखा जायेगा. यही कारण है कि केन्द्रीय विद्यालय में विशेष खेल मैदान तैयार किया जायेगा. जिसमें फ़ुटबाॅल, हाॅकी, बास्केटबॉल, बैंडमिंटन सहित अन्य खेलों के अलग अलग ग्राउंड व कोर्ट तैयार किये जायेंगे.
बांदीकुई शहर में केन्द्रीय विद्यालय सितंबर 2019 में शुरू हुआ था, जो प्राइमरी सेक्सन से संचालित होकर अब प्रतिवर्ष कक्षाओं का अपग्रेडेशन किया गया. इस सत्र से ही नौवीं कक्षा की पढ़ाई शुरू की करवा दी गई है. भवन की जगह कम होने के चलते में केन्द्रीय विद्यालय दो स्थानों पर संचालित हो रहा है. पहला रेलवे स्टेशन के समीप रेलवे सीनियर सैकंडरी परिसर में कक्षा 2 से 5 तक की कक्षाएं लग रही है. दूसरा केंद्रीय विद्यालय गांधी ग्राउंड के पास पूर्व की प्राथमिक रेलवे स्कूल परिसर में कक्षा 6 से 9 वीं तक की कब से लगाई जा रही है, कक्षा कक्षों की कमी के चलते इस बार प्रथम क्लास में एक भी विधार्थी को प्रवेश नहीं दिया गया हैं.
इसलिए अब नये भवन में केन्द्रीय विद्यालय के बनने के बाद बांदीकुई शहर के अधिक से अधिक बच्चों को प्रवेश मिल सकेगा. जिससे यहां का शिक्षा स्तर सुधरेगा तथा बच्चों को बड़े और हवादार कमरों में पढ़ाई करने के लिए अच्छा वातावरण मिलेगा.