
तकनीक के इस युग में जहां सरकारी महकमों में भी अधिकांश कार्य डिजिटलाइज हुए हैं तो वहीं देश में नए मेडिकल हब के रूप में उभर रहे जोधपुर में स्थित प्रदेश के एक मात्र अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में इलाज करवाने आ रहे मरीजों को परेशानी की डबल डोज मिल रही हैं जहां रोगी एक तरफ अपने रोग से पीड़ित है तो वहीं दूसरी तरफ पिछले 15 दिनों से एम्स में सर्वर डाउन की वजह से मरीजों को लंबी कतारों में खड़े होने पर भी मजबूर होना पड़ रहा हैं. सोमवार को भी सर्वर डाउन होने की वजह से यहां आने वाले मरीजों को कही परेशानियों का सामना करना पड़ा. कई बार ऐसा हो रहा है कि मरीज इलाज करवाए बगैर ही वापस लौट रहे हैं.
एम्स में पहले से भर्ती मरीजों को डिस्चार्ज करने के लिए भी कही परेशानियों का सामना करना पड़ा जहा एम्स में संभावित आम दिनों में प्रतिदिन 2500 के लगभग ओपीडी रहती है वहीं एम्स में 40 के करीब विभाग संचालित है जिनमें इलाज करवाने के लिए जोधपुर सहित संभाग और अन्य जिलों और राज्यों व अन्तराज्य के मरीज इलाज करवाने आते हैं.
जोधपुर के ग्रामीण क्षेत्र से अपने परिचित का इलाज करवाने एम्स में आए राजेश ने व्यवस्थाओं को लेकर कई सवाल खड़े किए उन्होंने बताया कि पिछले 10 दिनों से एम्स में सर्वर डाउन की वजह से उन्हें कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है वहीं कहीं महंगी जांच भी बाहर से करवाने पर मजबूर होना पड़ रहा है जहां अब देखने वाली बात है कि राजस्थान की एकमात्र एम्स में सर्वर डाउन की वजह से मरीजों को लंबी कतारों में खड़े रहने पर भी मजबूर होना पड़ रहा है.