Rajasthan News: राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की कार्रवाई में रिश्वत लेते पकड़े गए आसींद क्षेत्र के अंटाली तहसीलदार गणेश कच्छावा को कोर्ट ने न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है. उनके साथ इस मामले में शामिल दलाल ईमित्र संचालक हेमराज खटीक और तहसील के बाबू हनुमान सहाय मीणा को भी जेल भेजा गया है. इस कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया.
कोर्ट ने 25 मार्च तक भेजा जेल
तीनों आरोपियों को शुक्रवार को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो कोर्ट भीलवाड़ा में पेश किया गया. शाम करीब 4:30 बजे एसीबी कोर्ट के मजिस्ट्रेट पवन कुमार सिंघल ने मामले की सुनवाई की. सभी पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने तहसीलदार गणेश कच्छावा दलाल हेमराज खटीक और बाबू हनुमान सहाय मीणा को 25 मार्च तक न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने के आदेश दिए हैं.
₹60 हजार की रिश्वत लेते पकड़े गए थे
गौरतलब है कि गुरुवार को अजमेर एसीबी टीम ने अंटाली तहसील कार्यालय में छापा मारकर तहसीलदार को ₹60 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था. यह कार्रवाई एसीबी अजमेर की इंस्पेक्टर कंचन भाटी के नेतृत्व में की गई. टीम ने मौके पर पहुंचकर दलाल के पास से रिश्वत की पूरी रकम बरामद कर ली.
लीज डीड रजिस्ट्री के बदले मांगी थी रिश्वत
जानकारी के अनुसार एक परिवादी ने अपनी जमीन की लीज डीड रजिस्ट्री कराने के लिए तहसील कार्यालय में संपर्क किया था. आरोप है कि इस काम के बदले तहसीलदार गणेश कच्छावा ने ईमित्र संचालक हेमराज खटीक के माध्यम से ₹60 हजार की रिश्वत की मांग की थी. इस मामले में तहसील के बाबू हनुमान सहाय मीणा की भी भूमिका सामने आई.
जांच के बाद बिछाया गया ट्रैप
परिवादी की शिकायत के बाद एसीबी ने पहले रिश्वत मांग की पुष्टि की. 9 मार्च को परिवादी और ईमित्र संचालक के बीच हुई बातचीत में रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई. इसके बाद 10 मार्च को रिश्वत लेने की योजना तय हुई. गुरुवार को परिवादी ने आरोपी हेमराज खटीक को ₹60 हजार दिए जिसे उसने अपनी टेबल की दराज में रख लिया. इसी दौरान इशारा मिलते ही एसीबी टीम ने छापा मारकर उसे रंगे हाथों पकड़ लिया और पूरी रकम बरामद कर ली.
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