Rajasthan Water Crisis: सरकार और प्रशासन पानी की समस्याओं को दूर करने के सैकड़ों वादे करती है. बड़े-बड़े प्रोजेक्ट की बात की जाती है. लेकिन राजस्थान के कई ऐसे गांव आज भी ऐसे है जहां जल संकट लगातार दशकों से बना है. भीषण गर्मी के बीच अगर आम लोगों को पीने का पानी नहीं मिल रहा है तो इससे ज्यादा परेशानी और कुछ नहीं हो सकती है. ऐसा ही हाल राजस्थान के जालौर स्थित एक गांव का है. जहां महिलाओं और बच्चों को पीने का पानी 10 किलोमीटर दूर से लाना पड़ रहा है.
15 दिनों से पेयजल संकट गहराया
जालौर जिले की आड़वाडा गांव में पिछले 15 दिनों से पेयजल संकट गहराया हुआ है. डूडसी ग्राम पंचायत के अधीन इस गांव में पानी की आपूर्ति पूरी तरह चरमरा गई है. लेकिन इनकी सूद लेने वाला कोई नहीं है. इस बारे में न जलदाय विभाग कुछ कर रहा है और न ही जनप्रतिनिधि को इसकी पड़ी है. जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
महिलाओं और बच्चों को सबसे ज्यादा दिक्कत
हालात ऐसे हैं कि गांव के लोग रोजाना करीब 10 किलोमीटर दूर से पानी लाने को मजबूर हैं. खासकर महिलाओं और बच्चों को सबसे ज्यादा दिक्कत झेलनी पड़ रही है. ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार सरपंच और जलदाय विभाग को इस समस्या से अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला. इससे नाराज होकर मंगलवार शाम को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने विरोध जताया.
वहीं जलदाय विभाग के कनिष्ठ अभियंता तनुश शर्मा ने बताया कि अज्ञात लोगों द्वारा पाइपलाइन तोड़े जाने के कारण पानी की आपूर्ति बाधित हुई है, जिसे जल्द ही ठीक करने का आश्वासन दिया गया है. लेकिन सवाल यह है कि भीषण गर्मी में जहां 15 दिन से लोगों को पीने का पानी नहीं मिल रहा है. उसके लिए अधिकारियों द्वारा त्वरित कार्रवाई की जगह आश्वासन कितना सही है.
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