राजस्थान के नागौर जिले में एक स्कूल से हैरान करने वाला मामला सामने आया है. स्कूल में छोटे-छोटे बच्चे मिड-डे मील के जूठे बर्तन उठाते नजर आए. बच्चों द्वारा स्कूल के अंदर जूठे बर्तन उठाने का वीडियो भी वायरल हुआ, जिसके बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया. स्कूल के अंदर इस तरह की लापरवाही का मामला सामने के बाद प्रशासन हरकत में आया और एक जांच कमेटी गठित कर दी गई. सीडीओ का कहना है कि इस मामले में जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी.
स्कूल में 4 शिक्षक मिले सोते
दरअसल, स्कूल में बच्चों द्वारा जूठे बर्तन उठाने का मामला रियांबड़ी उपखंड क्षेत्र के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय दासावास की है, जो शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार कर दिया. यहां मिड-डे मील के समय जहां बच्चों को आराम और भोजन का अधिकार होना चाहिए. वहीं नजारा बिल्कुल उल्टा देखने को मिला. स्कूल में कमरे के अंदर 4 शिक्षक आराम फरमाते हुए सोते नजर आए, जबकि दूसरी ओर छोटे-छोटे बच्चे भारी स्टील के बर्तन उठाकर इधर-उधर ले जाते दिखे.

हेड मास्टर कुर्सी पर बैठे यह सब देखते रहे
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि हेड मास्टर सोहनलाल फड़ौदा खुद कुर्सी पर बैठे यह सब देखते रहे, लेकिन उन्होंने बच्चों को रोकने या शिक्षकों को टोकने की कोई कोशिश नहीं की. बच्चों ने बताया कि उनसे यह काम रोजाना करवाया जाता है, यानी यह कोई एक दिन की लापरवाही नहीं, बल्कि एक नियमित व्यवस्था बन चुकी है. स्कूल में कुल 8 शिक्षक कार्यरत हैं, जिनमें से 7 उस समय मौजूद थे. बावजूद इसके जिम्मेदारी का बोझ बच्चों पर डाल दिया गया.
A shocking incident has emerged from a government school in Rajasthan's Nagaur district, where young children were allegedly made to pick up and carry mid-day meal utensils. A video of the incident has gone viral, prompting concern within the education department and triggering… pic.twitter.com/MxzMeeqrhA
— NDTV (@ndtv) April 30, 2026
वीडियो सामने आने के बाद जांच कमेटी गठित
मामले को लेकर एसडीएम सूर्यकांत शर्मा ने कहा कि शिकायत मिली है और पूरे मामले की जांच करवाई जाएगी. वहीं सीडीओ रामलाल कराडी ने कहा कि मामला मीडिया के माध्यम से संज्ञान में आया है. इस तरीके की लापरवाही को देखते हुए जांच कमेटी गठित की, जो भी दोषी हैं. रिपोर्ट के आधार पर उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी. चाहे प्रधान हो या टीचर सख्त कार्रवाई की जाएगी. भविष्य में इसी तरह की घटना ना हो, इसको लेकर भी सख्त कदम उठाए जाएंगे.
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