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This Article is From Jan 18, 2026

खनन में ब्लास्ट के दौरान 200 मीटर उछल कर पत्थर मज़दूर पर गिरा, बिहार के मज़दूर की कोटपुतली में मौत 

ग्रामीणों का आरोप है कि आबादी क्षेत्र के बेहद करीब विस्फोटक ब्लास्टिंग कर मजदूरों के साथ-साथ महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की जान को भी लगातार खतरे में डाला जा रहा है.

खनन में ब्लास्ट के दौरान 200 मीटर उछल कर पत्थर मज़दूर पर गिरा, बिहार के मज़दूर की कोटपुतली में मौत 

Kotputli News: कोटपूतली के कायमपुराबास क्षेत्र में शनिवार को खनन प्लांट पर एक दर्दनाक हादसा हो गया. इस घटना ने एक बार फिर अवैध खनन और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को उजागर कर दिया. शनिवार दोपहर करीब एक बजे गैलेक्सी इंफ्रा लिमिटेड कंपनी द्वारा संचालित खनन प्लांट में नियमित ब्लास्टिंग की जा रही थी. ब्लास्टिंग के बाद एक भारी वजनी पत्थर का टुकड़ा हवा में उड़ता हुआ करीब 200 मीटर दूर जा गिरा और वहां काम कर रहे एक मजदूर के सिर पर जा लगा. तेज धमाके और पत्थरों की बारिश से पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई. मजदूर खून से लथपथ होकर मौके पर ही गिर पड़ा.

साथी मजदूरों और ग्रामीणों ने उसे तुरंत निजी वाहन से राजकीय बीडीएम जिला अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया. मृतक की पहचान छोटे लाल पासवान पुत्र कमली पासवान, निवासी बिहार के रूप में हुई है. बताया जा रहा है कि वह महज एक माह पहले ही रोजी-रोटी की तलाश में यहां काम करने आया था.

सेफ्टी जोन के नियमों का पालन नहीं किया जाता

हादसे के बाद मृतक के साथ काम कर रहे मजदूरों और स्थानीय लोगों में शोक और आक्रोश का माहौल है. ग्रामीणों और जानकारों का आरोप है कि ब्लास्टिंग के दौरान न तो पर्याप्त सुरक्षा घेरा बनाया गया और न ही मजदूरों व आसपास के लोगों को निर्धारित सुरक्षित दूरी पर रखा गया. उनका कहना है कि यदि सेफ्टी जोन के नियमों का पालन किया जाता, तो यह हादसा टल सकता था.

''खनन कंपनी की मनमानी का परिणाम है''

ग्रामीणों ने इस मौत को सामान्य दुर्घटना मानने से इनकार करते हुए इसे प्रशासनिक लापरवाही और खनन कंपनी की मनमानी का परिणाम बताया है. हादसे के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है. धरनार्थियों ने चेतावनी दी है कि जब तक कायमपुराबास में चल रहे अवैध खनन को पूरी तरह बंद नहीं किया जाता, तब तक उनका आंदोलन और तेज किया जाएगा.

अवैध खनन के विरोध में पिछले 465 दिनों से धरना 

आपको बता दें कि कायमपुराबास में अवैध खनन के विरोध में ग्रामीण पिछले 465 दिनों से लगातार धरने पर बैठे हुए हैं. धरना स्थल भी ब्लास्टिंग क्षेत्र से महज 150 से 200 मीटर की दूरी पर स्थित है. ग्रामीणों का आरोप है कि आबादी क्षेत्र के बेहद करीब विस्फोटक ब्लास्टिंग कर मजदूरों के साथ-साथ महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की जान को भी लगातार खतरे में डाला जा रहा है.

क्या कहते हैं ग्रामीण

धरनार्थियों और सरपंच प्रशासक अर्जुन लाल, बंसी यादव, गब्दू मीणा, महेंद्र शर्मा, इंद्राज सहित कई ग्रामीणों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि बीते डेढ़ साल में उन्होंने कई बार जिला प्रशासन, खनिज विभाग और पुलिस को अवैध खनन, नियमों की अनदेखी और संभावित हादसों को लेकर चेताया, लेकिन हर बार शिकायतों को नजरअंदाज किया गया. अब इस हादसे के बाद ग्रामीणों का गुस्सा एक बार फिर फूट पड़ा है और वे ठोस कार्रवाई से कम पर मानने को तैयार नहीं हैं.

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