राजस्थान में भ्रष्ट अधिकारियों को चंगुल में लेने के लिए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो लगातार सक्रिय है. कल, 25 मई को झुंझुनूं में एसीबी ने एक बड़ी कार्रवाई कर एक ग्रम विकास अधिकारी (VDO) को 8 लाख 50 हजार रुपए की बड़ी रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था. इसके अगले दिन राजसमंद जिले में एसीबी ने एक और कार्रवाई की जिसकी बड़ी चर्चा हो रही है. उदयपुर एसीबी की टीम ने राजसमंद में एक पटवारी को पकड़ने के लिए जाल बिछाया. लेकिन, जैसे ही पटवारी को भनक लगी उसने पैसे टॉयलेट में फेंक दिए.
क्या है पूरी घटना
एसीबी के जयपुर मुख्यालय से दी गई जानकारी में बताया गया है कि आज 26 मई को एसीबी की उदयपुर स्थित इंटेलिजेंस यूनिट ने राजसमंद जिले में कार्रवाई की. एसीबी के पास 1 मई को शिकायत मिली थी कि पटवार हल्का सेमा के अतिरिक्त चार्ज, बडा भाणुजा तहसील खमनोर के जिला पटवारी राहुल कुमार शर्मा ने परिवादी से 7000 रूपये की रिश्वत की मांग की है. उसने ये रिश्वत एक जमीन की रजिस्ट्री के बाद उसके नामांतरण के काम के लिए मांगी थी.
एसीबी के ट्रैप करते ही रुपये फेंके
इसके बाद एसीबी ने शिकायत का सत्यापन किया. परिवादी से आरोपी ने पहले 1000 रुपये लिए. आज वह बाकी की रिश्वत की रकम में से 4000 रुपये ले रहा था. लेकिन तभी एसीबी की टीम वहां पहुंच गई. उन्हें आता देख देख पटवारी ने रुपये अपने सरकारी निवास में बने टॉयलेट में डाल दिए. लेकिन पूछताछ के बाद एसीबी ने आरोपी की निशादेही पर नोट बरामद किए और उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया.
आरोपी राहुल कुमार शर्मा से पूछताछ तथा आगे की कार्यवाही की जा रही है. एसीबी इस मामले में 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (यथा संशोधित 1988) के अन्तर्गत प्रकरण दर्ज कर अग्रिम अनुसंधान करेगी.
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