किशनगढ़ (अजमेर) में पूर्व सरपंच रामसिंह चौधरी हत्याकांड मामले में तीनों आरोपियों को पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है. आरोपी पत्नी सुनीता और बेटी सरिता को 2 दिन की रिमांड पर भेजा गया है. जबकि नाबालिग बेटे को बाल सुधार गृह में पेश करने के बाद एक दिन की रिमांड दी गई. पुलिस के मुताबिक, इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड मृतक का बेटा है. उसने पिता से नफरत के चलते हत्या को अंजाम दिया है. हालांकि, पुलिस हत्याकांड की जांच को ठोस तरीके से पूरा करने के लिए साइंटिफिक और तकनीकी सूबतों पर फोकस कर रही है.
दुर्घटना साबित करने की कोशिश नाकाम
जांच में सामने आया है कि चार हत्याओं की साजिश पूरी तरह फिल्मी अंदाज में रची गई थी. आरोपियों ने पूर्व सरपंच रामसिंह चौधरी, उसकी दूसरी पत्नी, मां और भांजी की हत्या करने के बाद शवों को कार में डालकर आग लगा दी. ताकि पूरे घटनाक्रम को हादसा साबित किया जा सके. लेकिन आरोपी उनके मकसद में कामयाब नहीं हुए और पूरी साजिश का खुलासा हो गया.
खून से सने कपड़ों की होगी स्पेशल जांच
पुलिस चारों मृतकों के खून से सने कपड़ों की स्पेशल जांच करवाएगी. वारदात के दौरान इस्तेमाल हुए हथियार, घटनास्थल और आरोपियों की भूमिका से जुड़े अहम सुराग मिलने की भी संभावना है. इसके साथ ही आरोपी मां, बेटी और नाबालिग बेटे को घटनास्थल पर ले जाकर मौका तस्दीक भी करवाई जाएगी.
हत्याकांड के कई तथ्य सामने आने बाकी
पुलिस यह जानने की कोशिश करेगी कि हत्या की योजना कैसे बनाई गई, शवों को कार तक कैसे पहुंचाया गया और आग लगाने की पूरी वारदात किस क्रम में अंजाम दी गई. माना जा रहा है कि मौका तस्दीक और एफएसएल जांच के बाद इस हत्याकांड में कई और चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं.
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