Rajasthan News: राजस्थान के अजमेर में एक संगठित गिरोह ने बुजुर्ग को निशाना बनाकर बड़ी ठगी को अंजाम दिया. आरोपियों ने पहले भरोसा जीतने के लिए मददगार बनकर संपर्क किया और फिर एक कथित डॉक्टर के पास भेज दिया जो असल में गिरोह का ही सदस्य था.
इलाज के नाम पर 73 बार ठगी
मुख्य आरोपी मोहम्मद कादिर ने खुद को “डॉ. समीर जरीवाला” बताकर इलाज शुरू किया. उसने घुटनों से ‘सिंधी' नाम के उपकरण से मवाद निकालने का झूठा नाटक किया. इसी बहाने उसने 73 बार इलाज करने का दावा किया और धीरे-धीरे 4 लाख 39 हजार रुपए ठग लिए. पीड़ित हरिराम किशनचंद मूलचंदानी (62) ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई. इसके बाद पुलिस हरकत में आई और पूरे मामले की गंभीरता से जांच शुरू की गई.
250 CCTV से मिला सुराग
पुलिस टीम ने 250 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगाले. जांच में लाल रंग की कार सामने आई जिसका इस्तेमाल आरोपी कर रहे थे. इसी सुराग के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची.
पुलिस ने तीनों आरोपियों को भोपाल से गिरफ्तार किया. गिरफ्तारी के समय वे एक और वारदात की तैयारी में थे. पकड़े गए आरोपियों में दीन मोहम्मद, मोहम्मद कादिर और मोहम्मद आसिफ शामिल हैं.
क्या-क्या बरामद हुआ
आरोपियों के पास से 33,800 रुपए नकद इलाज में इस्तेमाल उपकरण दवाइयां स्प्रे 12 मोबाइल फोन और 9 सिम कार्ड बरामद किए गए. इससे साफ है कि गिरोह लंबे समय से सक्रिय था.
पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह भीड़भाड़ वाले इलाकों में बुजुर्गों और कमजोर लोगों को टारगेट करता था. एक सदस्य भरोसा बनाता और फिर फर्जी डॉक्टर के पास भेजकर ठगी की वारदात को अंजाम दिया जाता था. पुलिस अब आरोपियों से और मामलों के बारे में पूछताछ कर रही है. आशंका है कि इस गिरोह ने कई और लोगों को अपना शिकार बनाया है.