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सरकारी नौकरी पाने के लिए RPSC भर्ती के पॉर्टल से छेड़छाड़! फर्जी ID से 3 अभ्यर्थियों के आवेदन किए विड्रॉ

आरपीएससी की शिकायत के बाद साइबर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है. आशंका है कि भर्ती प्रक्रिया में किसी अन्य व्यक्ति को लाभ देने के लिए 3 आवेदन हटा गए.

सरकारी नौकरी पाने के लिए RPSC भर्ती के पॉर्टल से छेड़छाड़! फर्जी ID से 3 अभ्यर्थियों के आवेदन किए विड्रॉ
RPSC पोर्टल से छेड़छाड़ के मामले में FIR दर्ज.

राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) की भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा गंभीर मामला सामने आया है. खान एवं भूविज्ञान विभाग के लिए आयोजित भर्ती में 3 अभ्यर्थियों के ऑनलाइन आवेदन को वापस ले लिया गया. चौंकाने वाली बात यह है कि ना तो आयोग ने ऐसा किया और ना ही अभ्यर्थियों ने आवेदन वापस लिए. बल्कि किसी अनाधिकृत व्यक्ति ने आरपीएससी पॉर्टल पर छेड़छाड़ कर तीनों आवेदन हटा लिए. आशंका है कि भर्ती प्रक्रिया में किसी अन्य व्यक्ति को लाभ देने के लिए ऐसा किया गया. आयोग ने मामले में साइबर पुलिस स्टेशन (अजमेर) में शिकायत दी. 

सहायक खनिज अभियंता भर्ती-2024 का मामला

सहायक खनिज अभियंता भर्ती-2024 के तहत लिखित परीक्षा के बाद आयोग ने दोगुना अभ्यर्थी की सूची की. सूची में शामिल एक अभ्यर्थी ने 1 जनवरी 2026 को आयोग को ई-मेल के जरिए सूचित किया कि उसे 29 दिसंबर 2025 की शाम को एक एसएमएस प्राप्त हुआ है, जिसमें उसका आवेदन वापस होने की बात कही गई है. अभ्यर्थी ने स्पष्ट किया कि उसने ऐसा कोई प्रयास नहीं किया था और आवेदन को पुनः बहाल करने की मांग की. जबकि आयोग द्वारा उस दौरान एप्लीकेशन विथड्रॉ करने के लिए ऐसा कोई भी लिंक या विंडो ओपन नहीं की गई थी. आरपीएससी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत सूचना प्रौद्योगिकी और संचार विभाग, जयपुर को विस्तृत तकनीकी जांच के लिए आधिकारिक पत्र लिखे.

पहले फर्जी आईडी बनाई, फिर पोर्टल का एक्सेस लिया

जांच में सामने आया कि यह एक सोची-समझी साजिश है. किसी व्यक्ति द्वारा जानबूझकर रिक्रूटमेंट पोर्टल को अवैध रूप से एक्सेस किया गया था. इस अनाधिकृत व्यक्ति द्वारा तीनों अभ्यर्थियों के आवेदन वापस लेने से ठीक कुछ समय पहले यानी 29 दिसंबर 2025 को शाम 6:16 बजे पोर्टल पर एक नया यूजर क्रिएट किया गया था. इसके बाद तीनों अभ्यर्थियों के आवेदनों को विथड्रॉ कर लिया गया, ताकि अन्य किसी को अनुचित लाभ मिल सके. डिजिटल फॉरेंसिक जांच में ईमेल आईडी और आईपी एड्रेस भी सामने आया.  

साइबर पुलिस ने शुरू की जांच

साइबर थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 318(4) यानी धोखाधड़ी और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66, 66डी, 43 एवं 43ए के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की. आयोग सचिव ने बताया कि डिजिटल माध्यमों या रिक्रूटमेंट पोर्टल के साथ छेड़छाड़ कर परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करने वाले किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा.  

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