
Alwar: अलवर जंक्शन को नया लुक देने की तैयारियां जोरों पर हैं. दिल्ली जयपुर की तर्ज पर अलवर जंक्शन को नया लुक मिलने जा रहा है. इसे गांधीनगर रेलवे स्टेशन की तरह हाईटेक सुविधाओं से लैस किया जाएगा. साथ ही इसके बनने के बाद दिल्ली, जयपुर और मथुरा के बीच ट्रेनों की संख्या भी बढ़ जाएगी. इसको लेकर जयपुर डिवीजन के डीआरएम विकास पुरवार अलवर पहुंचे और तैयारियों का जायजा लिया. साथ ही केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने रेलवे अधिकारियों के साथ बैठक की.
अलवर जंक्शन हो रहा है रीडिवेलपमेंट का काम
डीआरएम पुरवार ने बातचीत में कई जानकारियां दीं. उन्होंने बताया कि अलवर जंक्शन के पुनर्विकास का काम चल रहा है. लेकिन बड़े स्तर पर काम का प्रस्ताव तैयार किया गया है. इसके लिए कंसल्टेंट कंपनी को रखा गया है, जो इसका प्लान तैयार कर रही है. इस दौरान उन्होंने केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के सामने प्रेजेंटेशन दिया.
इन सुविधाओं से होगा लैस
डीआरएम ने बताया कि अलवर जंक्शन महत्वपूर्ण स्टेशनों में से एक है। यहां से हर रोज हजारों यात्री अलग-अलग रूट की ट्रेनों में सफर करते हैं. आने वाले समय में हाई स्पीड ट्रेन मेट्रो और बुलेट ट्रेन जैसी ट्रेनें अलवर पहुंचेंगी और अलवर एनसीआर का हिस्सा बन जाएगा. इसलिए अलवर पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. इसके लिए जंक्शन पर दूसरा एंट्री प्वाइंट तैयार किया जा रहा है. इसके लिए यहां टिकट विंडो होगी। इसके साथ ही अन्य वेटिंग एरिया भी बनाए जाएंगे.
स्मार्ट जंक्शन बनाने का काम शुरू
वहीं रेलवे स्टेशन के आसपास रेलवे क्वार्टर को तोड़कर खाली जगह तैयार की गई है. उन्होंने कहा कि अलवर जंक्शन को दिल्ली और जयपुर जंक्शन की तर्ज पर स्मार्ट जंक्शन बनाने का काम शुरू होगा, नए जंक्शन में सभी तरह की आधुनिक सुविधाएं होंगी. साथ ही गांधीनगर की तरह अलवर में नया जंक्शन भी बनाने की योजना है. दिल्ली जयपुर और मथुरा रेल मार्ग पर ट्रेनों की संख्या बड़े इसका भी प्रयास किया जा रहा है.
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