Alwar News: अगर आप या आपका कोई परिचित कोर्ट-कचहरी के चक्करों से परेशान है, तो अलवर से आई यह खबर न्याय की उम्मीद जगाने वाली है. जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की पहल पर एक मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण में बीमा कंपनी ने पीड़ित परिवार को 1 करोड़ 6 लाख रुपये की भारी-भरकम राशि का चेक सुपुर्द किया है. यह सफलता वर्ष 2026 की प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों के बीच आपसी समझाइश से हासिल हुई है.
इंजीनियर की मौत के बाद परिवार पर टूटा था दुखों का पहाड़
यह पूरा मामला 'रेखा बनाम शेर सिंह' शीर्षक से दर्ज क्लेम याचिका से जुड़ा है. घटना 27 सितम्बर 2024 की है, जब जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (JVVNL) में इंजीनियर सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत रविकांत शर्मा अपनी मोटरसाइकिल से घर लौट रहे थे. रात करीब 9:00 बजे कृषि उपज मंडी के पास एक तेज रफ्तार बाइक ने उन्हें टक्कर मार दी, जिसमें उनकी दर्दनाक मौत हो गई. मृतक रविकांत शर्मा बगड़ में तैनात थे और करीब 70,000 रुपये प्रतिमाह वेतन पा रहे थे.
₹2.16 करोड़ के दावे पर ₹1.06 करोड़ में बनी सहमति
पीड़ित परिवार ने यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी से 2,16,10,000 रुपये के मुआवजे की मांग की थी. मामले की गंभीरता को देखते हुए जज अनु चौधरी (अतिरिक्त कार्यभार, मोटर वाहन दुर्घटना दावा अधिकरण) ने दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता की. लोक अदालत की भावना का सम्मान करते हुए बीमा कंपनी और प्रार्थी के बीच 1,06,00,000 रुपये पर अंतिम सहमति बनी.
इन अधिकारियों के प्रयासों से मिला त्वरित न्याय
इस बड़े समझौते को सफल बनाने में जिला एवं सेशन जज अनंत भंडारी और प्राधिकरण सचिव मोहन लाल सोनी का मार्गदर्शन रहा. बीमा कंपनी के पैनल अधिवक्ता सुनील कुमार गुप्ता, डीजीएम आलोक कुमार जैन, रीजनल मैनेजर दिलीप गुप्ता, संजय गुप्ता और रमेश सचदेवा के सक्रिय सहयोग से यह मुमकिन हो सका. समझौते के बाद जिला एवं सेशन जज अनंत भंडारी ने स्वयं प्रार्थी रेखा और उनके वारिसों को चेक सौंपा.
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