Sriganganagar: 30 जनवरी को रावला के गांव 1 केएलएम में अंजू ने अपने प्रेमी संजू, उसके मौसेरे भाई रोहित और उसके दोस्त बादल के साथ मिलकर अपने ही पति आशीष की घर से महज ढाई सौ मीटर दूरी पर हत्या कर दी थी. पुलिस ने इस मामले में चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था. रावला पुलिस ने सोमवार दोपहर करीब 3:30 बजे हत्या के आरोपी संजू, रोहित और बादल को घड़साना कोर्ट में पेश किया.
इस दौरान तीनों आरोपी मुंह छुपाते हुए नजर आए. कोर्ट में पेशी के बाद मजिस्ट्रेट ने तीनों आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेजने के आदेश दिए. डीएसपी प्रशांत कौशिक के अनुसार तीनों आरोपियों को अनूपगढ़ उपकारागृह में भेज दिया गया है. वहीं रावला पुलिस ने पिछले दिनों आशीष की पत्नी अंजू को भी कोर्ट में पेश किया था, जिसे बीकानेर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया था.
क्या था पूरा ममला ?
राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में सामने आया यह मामला शुरुआत में एक दर्दनाक सड़क हादसा माना गया था, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर यह एक सुनियोजित हत्या निकला. 30 जनवरी की रात रावला थाना क्षेत्र में 25 वर्षीय आशीष का शव सुनसान सड़क पर मिला था. उसकी पत्नी अंजू ने इसे हिट एंड रन बताते हुए लूट की कहानी सुनाई थी, जिसे प्रारंभिक तौर पर सच मान लिया गया था.
कॉल रिकॉर्ड, एफएसएल रिपोर्ट में हुआ था खुलासा
हालांकि पुलिस की तकनीकी जांच और मेडिकल रिपोर्ट ने इस दावे को झूठा साबित कर दिया था. पोस्टमार्टम में स्पष्ट हुआ था कि आशीष की मौत एक्सीडेंट से नहीं, बल्कि मारपीट और गला घोंटने से हुई थी. जांच में यह भी सामने आया था कि शादी के महज तीन महीने बाद अंजू अपने पुराने प्रेमी संजू के लगातार संपर्क में थी.
साजिश के तहत आशीष को सुनसान सड़क पर ले जाकर उसकी हत्या की गई थी और लूट का नाटक रचा गया था. कॉल रिकॉर्ड, एफएसएल रिपोर्ट और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने अंजू, उसके प्रेमी संजू और दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर इस ‘हनीमून मर्डर' का खुलासा किया था.