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अशोक गहलोत का दोतरफा वार, 2020 के राजनीतिक संकट का जिक्र; पायलट-बीजेपी पर चलाए शब्दबाण

अशोक गहलोत के बयानों की रेंज में 160 किलोमीटर दूर बैठे सचिन पायलट से लेकर दिल्ली में 350 किलोमीटर दूर बैठे बीजेपी के नेता रहे. पूर्व मुख्यमंत्री ने इस दौरान शब्दबाण चलाते हुए डीडवाना में पुराने ज़ख्म कुरेदना शुरू कर दिया. 

अशोक गहलोत का दोतरफा वार, 2020 के राजनीतिक संकट का जिक्र; पायलट-बीजेपी पर चलाए शब्दबाण
अशोक गहलोत ने डीडवाना में बीजेपी पर बोला हमला

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक बार फिर साल 2020 के राजनीतिक संकट को याद करते हुए भाजपा और उसके नेताओं पर निशाना साधा. उन्होंने मंगलवार को डीडवाना में अम्बेडकर जयंती पर आयोजित कार्यक्रम के मंच से बीजेपी के साथ इशारों–इशारों में सचिन पायलट को भी अपने निशाने पर ले लिया. इधर कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री सचिन पायलट पीसीसी में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए. खास बात यह रही कि पीसीसी चीफ गोविंद डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली भी अपने- अपने गृह जिले के दौरे पर होने के चलते प्रदेश कांग्रेस ऑफिस पर हुए आयोजन में शामिल नहीं हो सके.

डीडवाना से गहलोत ने चलाए शब्दबाण

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अंबेडकर जयंती पर डीडवाना में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए. भले ही गहलोत जयपुर से 160 किलोमीटर दूर थे, लेकिन उनके बयानों की मारक क्षमता दोतरफा भी थी और गहरी भी. डीडवाना से लंबी दूरी के शब्द बाण चलाते हुए गहलोत ने बीजेपी की टॉप लीडरशिप के साथ बिना नाम लिए खुद की पार्टी के नेताओं पर भी निशाना साधा.

गहलोत ने याद किया राजनीतिक संकट

इन बयानों की रेंज में 160 किलोमीटर दूर बैठे सचिन पायलट से लेकर दिल्ली में 350 किलोमीटर दूर बैठे बीजेपी के नेता भी रहे. पीसीसी चीफ गोविंद डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली की प्रदेश कार्यालय पर गैर मौजूदगी के बीच सचिन पायलट अंबेडकर जयंती के कार्यक्रम में इंदिरा गांधी भवन पर पहुंचे तो गहलोत ने डीडवाना से पुराने ज़ख्म कुरेदना शुरू कर दिया. 

गहलोत ने इस मंच से साल 2020 में अपनी सरकार पर आए राजनीतिक संकट को याद करते हुए कहा कि हमारी सरकार जब संकट में थी तो उन्होंने हमारी पार्टी के लोगों को भड़काया और भड़काकर मानेसर ले गए.

'सरकार गिराने के लिए खर्च किए करोड़ों रुपये'

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वह अमित शाह और मोदी जी का संकट था. हम लोगों ने उसको 34 दिन तक भुगता. पूर्व सीएम ने कहा कि सीएम भजनलाल शर्मा और बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ बार–बार हमारी सरकार को होटलों में रही सरकार बताते हैं. यह तो तुम्हारे कुकर्मों के कारण थी होटलों की सरकार. अशोक गहलोत यहीं नहीं रुके. उन्होंने बीजेपी की लीडरशिप पर सरकार गिराने के लिए पैसे खर्च करने का आरोप भी लगाया.

गहलोत ने कहा कि इन लोगों ने करोड़ों रुपए खर्च किए सरकार गिराने के लिए. जैसे महाराष्ट्र में खर्च किए, 50 करोड़ विधायकों को दिए. सब जगह इन्होंने पैसा खर्च किया और सरकार गिराने का षड्यंत्र किया. गहलोत ने लोगों से कहा कि यह तो आपका आशीर्वाद था कि मध्य प्रदेश सरकार गिर गई, कर्नाटक की सरकार गिर गई, महाराष्ट्र में सरकार गिर गई, लेकिन हिंदुस्तान में एकमात्र राज्य राजस्थान था, जहां सरकार बची रही. गहलोत ने कहा यह सब आप प्रदेशवासियों का आशीर्वाद था, जो MLA मेरे साथ रहे, उनका विश्वास था मेरे प्रति.

चेतन डूडी की गहलोत ने की तारीफ

इस दौरान पूर्व सीएम गहलोत ने चेतन डूडी की राजनीति की भी तारीफ की. उन्होंने कहा कि चेतन डूडी उन लोगों में आता है, जो दो-चार लोग थे, जिन्होंने बहुत होशियारी से राजनीति की और मेरी सरकार बचा दी. कांग्रेस में अपने साथियों पर निशाना साधने के साथ ही गहलोत ने बीजेपी के नेताओं को भी घेरा. उन्होंने अपने लोगों के बीच यह भी कह दिया कि वे दो साल बाद आज हेलीकॉप्टर में बैठे हैं. ऐसे में लोगों के मन में गहलोत के बयान और उसके मायने को लेकर जिज्ञासा दिख रही है.

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