Rajasthan news: राजस्थान एटीएस (Anti-Terrorism Squad) ने देश की सुरक्षा के खिलाफ साजिश रचने वाले तत्वों पर बड़ी चोट की है. एटीएस की सोशल मीडिया मॉनिटरिंग शाखा ने पंजाब के एक संदिग्ध युवक की पहचान की है जो सोशल मीडिया के जरिए अलगाववादी और देशविरोधी सामग्री का प्रचार-प्रसार कर रहा था. राजस्थान एटीएस की सूचना पर पंजाब पुलिस ने आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
आतंकी संगठन TRF से जुड़े तार
एडीजी (एटीएस) दिनेश एम.एन. और आईजी राजेश सिंह के निर्देशन में की गई इस कार्रवाई में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. जांच में सामने आया कि संदिग्ध गुरुविन्दर सिंह के फेसबुक मैसेंजर पर प्रतिबंधित आतंकी संगठन TRF (The Resistance Front) के सदस्यों के साथ बातचीत के प्रमाण मिले हैं. आरोपी ने आतंकियों से AK-47 राइफल और ग्रेनेड मंगवाकर भारत में बम धमाके करने की साजिश से संबंधित चैट और वॉयस नोट्स भी साझा किए थे.
BSF चौकी की जासूसी और पाक कनेक्शन
राजस्थान एटीएस की तकनीकी जांच में यह भी पाया गया कि गुरुविन्दर सिंह ने प्रतिबंधित सीमावर्ती क्षेत्र (BSF चौकी) के वीडियो अपने मोबाइल से बनाए थे. इन संवेदनशील वीडियो को उसने पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं के साथ साझा किया था. इसके अलावा, वह आतंकवादी संगठन SFJ प्रमुख गुरूपतवंत सिंह पन्नू के खालिस्तान के समर्थन वाले वीडियो भी लगातार शेयर कर रहा था.
एटीएस की टीम ने पंजाब में डाला डेरा
सोशल मीडिया शाखा प्रभारी पुलिस निरीक्षक निशा चॉवरिया के नेतृत्व में संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी के दौरान यह मामला सामने आया. इसके बाद एएसपी सुरेन्द्र सिंह के नेतृत्व में एक टीम पंजाब भेजी गई. वहां आरोपी के डिजिटल उपकरणों के विश्लेषण में प्रो-खालिस्तान और प्रो-पाकिस्तान समर्थन में भारी मात्रा में ऑडियो, वीडियो और चैट मिली.
पंजाब में मामला दर्ज, नेटवर्क खंगाल रही एजेंसियां
राजस्थान एटीएस से मिले पुख्ता सबूतों के आधार पर पंजाब के तरनतारण जिले के सदर पट्टी थाने में गुरुविन्दर सिंह के खिलाफ विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है. फिलहाल विभिन्न जांच एजेंसियां आरोपी के नेटवर्क और उसके संभावित संपर्कों की गहनता से पड़ताल कर रही हैं ताकि देश के खिलाफ रची जा रही किसी भी बड़ी साजिश को जड़ से खत्म किया जा सके.