Rajasthan News: राजस्थान में सवाई माधोपुर जिले के चौथ का बरवाड़ा थाना क्षेत्र में बनास नदी में अवैध बजरी खनन का मामला सामने आया है. ग्रामीणों का आरोप है कि जिले में फिलहाल बजरी खनन की कोई लीज नहीं है फिर भी माफिया खुलेआम नदी से बजरी निकाल रहे हैं. खनन के बाद गांव के आसपास बड़े-बड़े बजरी के अवैध स्टॉक भी जमा किए जा रहे हैं.
सोलपुर गांव के पास जमा हो रहा अवैध बजरी स्टॉक
ग्रामीणों के अनुसार टोंक जिले की सीमा में बनास नदी में बजरी खनन की लीज है. लेकिन वहां से निकाली जा रही बजरी का अवैध स्टॉक सवाई माधोपुर जिले के सोलपुर गांव के पास किया जा रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि यह पूरी तरह नियमों के खिलाफ है और इससे इलाके में अवैध परिवहन बढ़ गया है.
बजरी के ट्रकों से फसलें हो रहीं खराब
ग्रामीणों ने बताया कि प्रतिदिन बड़ी संख्या में बजरी से भरे ट्रक सोलपुर गांव की खातेदारी और सवाई चक भूमि से होकर गुजर रहे हैं. भारी वाहनों के कारण खेतों की फसलें खराब हो रही हैं. गांव के रास्ते भी टूट चुके हैं और सड़कें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं. इससे ग्रामीणों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
प्रशासन पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार प्रशासन को अवैध खनन और बजरी परिवहन की जानकारी दी लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. इसी के विरोध में ग्रामीणों ने सोलपुर गांव के पास रास्ता जाम कर प्रदर्शन किया और बजरी माफियाओं के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की.
पुलिस पर भी लगाए गंभीर आरोप
ग्रामीण सोनू धारा सिंह घनश्याम सूरज हनुमान गोपाल और मोहन सहित अन्य लोगों ने आरोप लगाया कि चौथ का बरवाड़ा थाना पुलिस बजरी माफियाओं पर कार्रवाई नहीं कर रही. उनका कहना है कि पुलिस की मिलीभगत से अवैध खनन और परिवहन जारी है.
अवैध स्टॉक जब्त करने और कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने मांग की है कि सोलपुर गांव के पास बने अवैध बजरी स्टॉक को तुरंत जब्त किया जाए और बनास नदी में हो रहे अवैध खनन पर रोक लगाई जाए. उन्होंने पुलिस अधीक्षक और जिला कलेक्टर से भी शिकायत की है. ग्रामीणों का कहना है कि जब तक इस मामले में सख्त कार्रवाई नहीं होगी तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा.
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