बांसवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल में रविवार देर रात आग लगने से अफरातफरी मच गई. जिले के सबसे बड़े सरकारी हॉस्पिटल में लगी आग ने पलभर में ही विकराल रूप ले लिया. बताया जा रहा है कि आग रिकॉर्ड रूम की छत पर लगी थी. भीषण आग की सूचना के बाद प्रशासन में भी हड़कंप मच गया. घटना के बाद अस्पताल परिसर में कई तरह की चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं. अंदरखाने यह चर्चा है कि अस्पताल में अहम दस्तावेजों और साक्ष्यों को मिटाने के लिए जानबूझकर आग लगाई गई हो सकती है. हालांकि, अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. विभाग पूरे मामले की जांच कर रहा है.
फायर ब्रिगेड ने पाया काबू
मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने तत्काल दमकल विभाग को सूचना दी. सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम अस्पताल पहुंची और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया. पीएमओ डॉ. राजेश चौधरी ने बताया कि दमकल विभाग की मुस्तैदी से बड़ा हादसा टल गया. उन्होंने कहा कि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है.
कैसे लगी आग? पता लगाने में जुटा प्रशासन
गनीमत यह रही कि आग रिकॉर्ड रूम की छत तक ही सीमित रही. अगर आग अंदर तक फैल जाती तो वर्षों पुराने महत्वपूर्ण दस्तावेज जलकर खाक हो सकते थे. इस घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक सतर्कता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. फिलहाल विभाग तकनीकी कारणों सहित सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच में जुटा हुआ है.
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