
Jaipur News: राजस्थान के जयपुर ग्रामीण के बस्सी क्षेत्र के लोगों को 'खुशियों की सड़क' मिल गई है. कई वर्षों से अतिक्रमण की जद में आए रास्तों को आमजन के लिए खोलने की दिशा में पहल की गई है. इसमें पहल के जरिए बस्सी प्रशासन ने कलेक्टर के निर्देश पर कार्रवाई शुरू की गई. जिसमें "रास्ता खोलो अभियान" के तहत शनिवार को एसडीएम ओमप्रकाश मीणा के नेतृत्व में बस्सी क्षेत्र के विभिन्न गांवों में अतिक्रमण हटाए गए. तथा लंबे समय से बंद पड़े आम रास्तों को आमजन के लिए खोला गया.
आज़ादी के बाद पहली बार खोला गया रास्ता
दरअसल, जिले के बस्सी क्षेत्र के हरद्वारयानपुरा गांव में आजादी के बाद पहली बार 1 किलोमीटर लंबी सड़क खोली गई है. यह सड़क पिछले कई दशकों से अतिक्रमण के कारण बंद थी. सड़क खुलने से गांव के 2000 से ज्यादा लोगों को सीधा फायदा मिलेगा.
मुख्य सड़क तक पहुंचना हुआ आसान
ग्रामीणों ने बताया कि सालों से उन्हें आवागमन के लिए वैकल्पिक, लंबा और असुरक्षित रास्ता अपनाना पड़ता था. अब स्कूल, अस्पताल, खेत और मुख्य सड़क तक पहुंचना काफी आसान हो गया है. इस अभियान के तहत झाड़ गांव में 700 मीटर और भोन्यावाला में 500 मीटर सड़क को अतिक्रमण से मुक्त कराकर आम जनता के लिए खोल दिया गया. इन गांवों के लोग भी लंबे समय से रास्तों की बहाली की मांग कर रहे थे.
सड़क खुलने से खुश हुए ग्रामीण
अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण को चिन्हित किया और तत्काल उसे हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी. सड़क खुलने से उत्साहित ग्रामीणों ने प्रशासन का आभार जताया और इसे ऐतिहासिक कदम बताया. बुजुर्गों ने बताया कि बचपन में इस सड़क का इस्तेमाल किया जाता था, लेकिन धीरे-धीरे अतिक्रमण के कारण यह पूरी तरह बंद हो गई.
सड़कों का सीमांकन भी किया गया
अभियान के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाया गया और सड़कों का सीमांकन भी किया गया. यह पूरी कार्रवाई खुद एसडीएम ओमप्रकाश मीणा और तहसीलदार रमेश मीणा के नेतृत्व में की गई, टीम में राजस्व विभाग के कर्मचारी, पुलिस बल और ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारी भी मौजूद थे.
कलेक्टर अभियान से मिली ग्रामीणों को खुशियों की सड़क
एसडीएम ओमप्रकाश मीणा ने बताया कि कलेक्टर के निर्देश पर चलाए जा रहे इस अभियान का उद्देश्य ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है. हमारा प्रयास है कि हर गांव में सार्वजनिक रास्तों को अतिक्रमण मुक्त कर आमजन को राहत पहुंचाई जाए. उन्होंने बताया कि "रास्ता खोलो अभियान" अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा. अन्य गांवों में भी रास्तों को चिन्हित कर अतिक्रमण हटाया जाएगा. इससे न केवल आवागमन में सुविधा होगी, बल्कि गांव के विकास को भी गति मिलेगी.
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