
Rajasthan: भरतपुर नगर-निगम ने अपने 65 वार्डों का दायरा बढ़ा दिया है, जिसमें 33 नए गांव शामिल किए गए हैं. इसके लिए 17 अप्रैल तक आपत्ति मांगी गई है. हालांकि, इस फैसले पर कुछ गांव के लोग खुश हैं, जबकि अन्य इसका विरोध कर रहे हैं. मुरवारा गांव के लोग, जो भरतपुर से 5 किलोमीटर दूर स्थित है, नगर-निगम में शामिल होने के फैसले का विरोध कर रहे हैं.
गांव वाले बोले- बढ़ जाएगी उनकी समस्या
गांव वालों का कहना है कि ग्राम पंचायत स्तर पर उनकी समस्याओं का हल आसानी से हो जाता है. नगर-निगम से जुड़ने पर उनकी समस्याएं बढ़ जाएंगी. उन्हें महंगे बिजली बिल, पानी बिल और यूडी टैक्स जमा कराने की चिंता है. गांव वालों को इससे परेशानी होगी. ग्रामीणों का कहना है कि गांव वाले महंगे बिजली और पानी के बिल देने में सक्षम नहीं हैं.
नगर-निगम कार्यालय के काटने पड़ेंगे चक्कर
ग्रामीणों ने कहा कि इसके अलावा हर छोटी समस्या के लिए नगर-निगम कार्यालय के चक्कर काटने पड़ेंगे, इसलिए उनकी मांग है कि उनके गांव को पहले की तरह यथावत ग्राम पंचायत में रखा जाए. उनके गांवों को नगर निगम में शामिल ना किया जाए. इसे लेकर वह सीएम से लेकर जिला प्रशासन को ज्ञापन देकर आपत्ति दर्ज करा चुके हैं. अगर गांव को ग्राम पंचायत में यथावत नहीं रखा गया, तो धरना-प्रदर्शन करेंगे.
17 अप्रैल तक मांगी गई आपत्ति
इस मामले में स्वायत्त शासन विभाग के आदेश पर स्थानीय प्रशासन द्वारा परिसीमन करवाने के बाद वार्डों का क्षेत्र तय कर दिया गया है. परिसीमन के बाद वार्डों के क्षेत्र का प्रकाशन भी किया गया है. अब 17 अप्रैल तक आपत्ति मांगी गई है, और आपत्तियों के बाद ही अंतिम प्रकाशन किया जाएगा.
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