
Rajasthan Election 2023: बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशियों के समर्थन में सभा करने धौलपुर पहुंची उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती (Mayawati) ने कांग्रेस एवं भाजपा पर जुबानी हमला बोलते हुए आड़े हाथों लिया है. उन्होंने कांग्रेस एवं भाजपा को पूंजीपतियों की पार्टी बताया है. बिना नाम लिए हुए राहुल गांधी पर भी दलित एवं पिछड़े वर्ग की जनगणना को लेकर उठ रही आवाज पर हमला बोला है. साथ ही, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को भी लाल डायरी का भरी सभा में जिक्र कर निशाना हाशिए पर लिया है.
सभा को संबोधित करते हुए बसपा सुप्रीमो ने कहा, 'राजस्थान प्रदेश में हमेशा विरोधी दलो की जातिवादी एवं पूंजीवादी विचारधारा रही है. कांग्रेस बीजेपी समेत सभी विरोधी दलों ने गलत नीतियों को अपनाकर राजस्थान प्रदेश का नुकसान किया है. गलत नीतियों की वजह से ही देश में बेरोजगारी बढ़ रही है. बहुजन समाज पार्टी ने हमेशा गरीब एवं दबे, पिछडे लोगों का साथ दिया है. धन्ना सेठों के बल पर बहुजन समाज पार्टी ने कभी भी सरकार नहीं बनाई है.'
'BSP सहयोग बिना नहीं बनेगी सरकार'
मायावती ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा, 'राजस्थान प्रदेश भी भ्रष्टाचार से अछूता नहीं है. कांग्रेस की सरकार में आए दिन नाना प्रकार की डायरी की चर्चा हो रही थी. डायरी के मसले में कौन बेईमान एवं कौन ईमानदार है? यह जांच का विषय है. कांग्रेस और बीजेपी देश के किसी भी प्रदेश में बिना बहुजन समाज पार्टी के सहयोग की सरकार नहीं बना सकते हैं. कांग्रेस और भाजपा धन्ना सेठों की मदद से ही देश में सत्ता हासिल करती है. सत्ता में आने के बाद कांग्रेस और भाजपा गरीब और आमजन को भूलकर पूंजीवादी लोगों के लिए काम करना शुरू कर देती है.'
कांग्रेस ने केंद्र में रहकर जनता का छला
मायावती ने कांग्रेस और भाजपा पर जुबानी हमला बोलते हुए कहा कि दोनों पार्टियों पूंजीपतियों के लिए काम करती हैं. पूंजीपति लोग इन दोनों पार्टियों की मदद करते हैं. देश के प्रत्येक स्टेट में यही नजीर देखने को मिलती रही है. प्रदेश और देश में आमजन एवं गरीब लोग दुखी नजर आता है. बहुजन समाज पार्टी पूंजीपतियों के सहयोग से नहीं, बल्कि खुद के कार्यकर्ताओं के सहयोग से काम करती है.' मायावती ने कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता राहुल गांधी पर बिना नाम लिए हुए जुबानी हमला बोलते हुए आगे कहा, 'आज दलित-पिछड़े एवं वंचित लोगों की जनगणना की कांग्रेस द्वारा मांग की जा रही है. लेकिन उन्हीं लोगों की सत्ता केंद्र में अधिक रही है. कांग्रेस सरकार ने केंद्र में रहकर दलित एवं वंचितों के साथ छलावा किया है.'